sukma News : सुकमा: शबरी नदी में बाढ़ के बीच 12 घंटे से ज्यादा समय तक फंसे एक व्यक्ति को भारतीय वायुसेना और पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। व्यक्ति नाड़ीगुफा तेलावर्ती के पास मछली पकड़ने गया था, जहां अचानक आई बाढ़ में वह फंस गया। तेज बहाव और बड़े पत्थरों के कारण मोटरबोट से पहुंचना संभव नहीं था।
sukma News : स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने शुरुआती कोशिशें कीं, लेकिन हालात गंभीर होते देख वायुसेना की मदद ली गई। ड्रोन के जरिए लोकेशन ट्रेस कर करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया।
sukma News : इधर मौसम विभाग ने कांकेर में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद और नारायणपुर में यलो अलर्ट है। बाकी जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और आंधी की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में बन रहे लो प्रेशर सिस्टम के कारण अगले दो दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश के आसार हैं।
sukma News : बालोद में दो घंटे की तेज बारिश से बस स्टैंड और अन्य इलाकों में पानी भर गया। रायपुर में सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर को तेज बारिश हुई। रायगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ली, जहां सुबह धूप थी, वहीं दोपहर में तेज बारिश हुई। बच्चों ने भीगते हुए बारिश का आनंद लिया।
sukma News : डोंगरगढ़ में उफनते नाले में बहने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मिथिलेश वर्मा के रूप में हुई है, जो खैरागढ़ से लौट रहा था। डंगोरा डैम से छोड़े गए पानी और बारिश की वजह से हादसा हुआ।
sukma News : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का दौरा किया। उन्होंने राहत शिविरों में शरण लिए लोगों से मुलाकात की और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।
sukma News : बस्तर संभाग के चार जिलों—दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर—में भारी बारिश से अब तक 200 से ज्यादा मकान ढह चुके हैं। करीब 2,196 लोग राहत शिविरों में शिफ्ट किए गए हैं। अब तक बाढ़ के कारण 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
sukma News : बारसूर में स्टेट हाईवे 5 पर पुल टूट गया है। इसके चलते नारायणपुर, बस्तर और बीजापुर के 55 से 60 गांवों के लोग प्रभावित हुए हैं, जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बारसूर बाजार जाते हैं। ग्रामीण अब टूटी पुलिया पर सीढ़ियां बांधकर आवागमन कर रहे हैं।
sukma News : दंतेवाड़ा में शंखनी-डंकनी और इंद्रावती नदियों के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी के कारण आस-पास के गांवों में भारी तबाही हुई है। प्रारंभिक आकलन में जिले में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के नुकसान का अनुमान है।













