Monday, September 28, 2026
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Sudarshan Reddy : सलवा जुडूम फैसले और स्कूल सुरक्षा बल विवाद पर सुदर्शन रेड्डी का खुला जवाब

नई दिल्ली, 28 अगस्त 2025। विपक्षी दलों के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी ने समाज में बढ़ते ध्रुवीकरण पर चिंता जताई और कहा कि लोकतंत्र को सिर्फ सरकारों से नहीं, बल्कि नागरिकों से भी खतरा हो सकता है। उन्होंने गुप्त मतदान और सभी सांसदों को पत्र लिखने की अपनी योजना का जिक्र किया।

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ध्रुवीकरण और लोकतंत्र

सुदर्शन रेड्डी का कहना है कि वर्तमान समय में समाज में धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर बंटवारा बढ़ रहा है। उनका मानना है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए यह जरूरी है कि नागरिक अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते समय संविधान और कानून की मर्यादा का पालन करें।

उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव

रेड्डी ने बताया कि उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के लिए लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के मूल ढांचे की रक्षा के मकसद से उम्मीदवार होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “सांसदों से मेरी अपील है कि वे मेरी उम्मीदवारी की योग्यता और संवैधानिक दृष्टिकोण के आधार पर विचार करें।”

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सलवा जुडूम और स्कूल सुरक्षा मामले पर प्रतिक्रिया

सुदर्शन ने माओवादी विरोधी सलवा जुडूम मिलिशिया को भंग करने और स्कूल की इमारतों से सुरक्षा बल हटाने के फैसले पर हुई आलोचना पर कहा कि यह निर्णय नागरिक अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संवैधानिक दायित्व के अनुरूप था। उन्होंने स्पष्ट किया कि हथियारों का इस्तेमाल केवल राज्य का अधिकार है और किसी भी अन्य समूह को इसे करने का अधिकार नहीं है।

पूर्व जजों के समर्थन और आलोचना

रेड्डी ने कहा कि कुछ पूर्व न्यायाधीशों ने उनका समर्थन किया, जबकि कुछ ने विरोध किया। उनका मानना है कि यह चुनाव उच्च संवैधानिक पद के लिए योग्य उम्मीदवार का मुकाबला है और इसमें किसी का व्यक्तिगत दबाव नहीं होना चाहिए।

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संविधान और मूल अधिकार

रेड्डी ने गोलकनाथ और केशवानंद भारती निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि संविधान के मूल ढांचे और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा उनके दृष्टिकोण का केंद्र है। उनका कहना है कि संविधान में निहित आदर्शों की रक्षा करना उनका प्राथमिक उद्देश्य है।

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