khandwa-hunting-network-exposed: खंडवा जिले के नर्मदा नगर वन परिक्षेत्र (चांदगढ़ रेंज) में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान संरक्षित वन्यजीव सांभर के शिकार मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 6 से 7 अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल से फरार हो गए।
वन विभाग ने आरोपियों के पास से करीब 35 किलो सांभर का मांस और धारदार हथियार बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी शिकार के बाद जंगल में ही मांस पकाकर पार्टी करने की तैयारी कर रहे थे।
khandwa-hunting-network-exposed: मुखबिर से मिली सूचना पर वन विभाग की टीम ने 9 मई की रात जंगल में दबिश दी। मौके से असफाक अहमद खत्री निवासी खंडवा और सलामुद्दीन खत्री निवासी मूंदी को गिरफ्तार किया गया। विभाग का अनुमान है कि शिकार किए गए सांभर का वजन करीब 70 किलो था, जिसमें आधा मांस फरार आरोपी अपने साथ ले गए।
जांच में यह मामला सिर्फ स्थानीय शिकार तक सीमित नहीं दिख रहा। सूत्रों के मुताबिक इस नेटवर्क के तार इंदौर, भोपाल, बुरहानपुर और मुंबई तक जुड़े हो सकते हैं। करीब 25 लोगों के इस गिरोह से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
khandwa-hunting-network-exposed: प्रभारी रेंजर पीएस दाहिया ने बताया कि मामले की जांच संवेदनशील है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल जानकारी गोपनीय रखी जा रही है ताकि अन्य आरोपी फरार न हो सकें।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की रिमांड बढ़ा दी है और पूछताछ जारी है।
khandwa-hunting-network-exposed: सूत्रों के अनुसार, इसी क्षेत्र में दो महीने पहले नीलगाय के शिकार की भी चर्चा हुई थी। कुछ स्थानीय कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। आरोपी असफाक खत्री का नाम पहले भी अवैध हथियार और शिकार मामलों में सामने आ चुका है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे शिकारी नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है।







