Haritalika Teej 2025 : रायपुर। छत्तीसगढ़ में हरितालिका तीज व्रत से पहले आज करु भात की परंपरा निभाई जा रही है। प्रदेशभर की महिलाएं सोमवार शाम करेला की सब्जी और भात खाकर व्रत की शुरुआत करेंगी। इसी रस्म को करु भात कहा जाता है। इसके बाद महिलाएं खीरा खाकर सोती हैं ताकि रात में अन्न की डकार न आए और निर्जला व्रत सही ढंग से रखा जा सके।
Haritalika Teej 2025 : छत्तीसगढ़ी संस्कृति में तीज व्रत मायके में मनाने की परंपरा है। इसी वजह से बेटियां आज मायके में पहुंचकर करू भात की रस्म निभाएंगी। बाज़ारों में आज करेले की भारी मांग देखी जा रही है और बालोद समेत कई जिलों में यह 100 रुपये किलो तक बिक रहा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि करेले का सेवन करने से व्रत के अगले दिन प्यास कम लगती है और शरीर शुद्ध बना रहता है। मान्यता है कि इस कड़वाहट से मन की शुद्धि भी होती है।
गौरतलब है कि मंगलवार को महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। हरतालिका तीज का पर्व माता पार्वती और भगवान शिव के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है।













