दुर्ग निगम में अनुकंपा नियुक्ति घोटाला : दुर्ग। नगर निगम दुर्ग में नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्तियों के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए सहायक ग्रेड-3 भूपेंद्र गोइर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ जारी जांच में जवाब संतोषजनक न मिलने के बाद की गई।
दुर्ग निगम में अनुकंपा नियुक्ति घोटाला : सूत्रों के मुताबिक, निगम में वर्ष 2020 में हुई अनुकंपा नियुक्तियों में फर्जी दस्तावेजों और नियमों की अनदेखी के आरोप सामने आए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद निगम आयुक्त ने एक ओर जहां भूपेंद्र गोइर पर निलंबन की कार्यवाही की, वहीं सम्पत्ति कर वसूली में ढिलाई बरतने वाले राजस्व विभाग के 16 कर्मचारियों की वेतन रोकने का आदेश भी जारी किया।

इसके अलावा, इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन निगम आयुक्त एस.के. सुंदरानी के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को पत्र भेजा गया है। वहीं, भृत्य नम्रता रक्सेल और सहायक राजस्व निरीक्षक प्रीति उज्जैनवार की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के साथ ही विभागीय जांच भी प्रारंभ की गई है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर अब किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।











