RAIPUR NEWS : रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। पेट्रोलिंग के दौरान पकड़े गए एक व्यक्ति के पास से बरामद हुई 10 लाख 50 हजार रुपये की नकदी को पुलिसकर्मियों ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के वापस कर दिया। मामले में लापरवाही उजागर होने के बाद तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया गया है।
RAIPUR NEWS :मिली जानकारी के अनुसार, 4 अगस्त की रात माना थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से 10 लाख 50 हजार रुपये नगद मिले। इतनी बड़ी राशि मिलने के बावजूद न तो पुलिस ने रकम को जब्त किया और न ही उसके स्रोत की जांच की। इसके विपरीत, अगले ही दिन उस व्यक्ति को थाने बुलाकर पूरी रकम लौटा दी गई।
RAIPUR NEWS : जब यह मामला पुलिस विभाग की आंतरिक जांच में सामने आया तो वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल सख्त कार्रवाई की। मामले में प्रधान आरक्षक रमेश राठौर, आरक्षक हेमंत राठौर और आरक्षक शिव निराला को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही थाना प्रभारी यमन देवांगन को, भले ही वह प्रत्यक्ष रूप से इस बरामदगी में शामिल न रहे हों, विभागीय प्रमुख होने के कारण लाइन अटैच कर दिया गया है।
RAIPUR NEWS : यह घटना पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वरिष्ठ अधिकारी अब मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं और यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस प्रकरण में कोई और कर्मचारी या अधिकारी संलिप्त तो नहीं।













