Team India : नई दिल्ली। लंदन के केनिंगटन ओवल में खेले गए पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के अंतिम मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 6 रन से हराकर सीरीज 2-2 से बराबरी पर समाप्त की। यह मैच आखिरी दिन तक चला और अंतिम पलों तक नतीजे को लेकर रोमांच बना रहा। इस जीत को क्रिकेट विशेषज्ञ टीम इंडिया की ‘मेंटल विक्ट्री’ यानी मानसिक जीत मान रहे हैं क्योंकि टीम ने इंग्लैंड को उसकी ही धरती पर जबरदस्त चुनौती दी।

मैच की पहली पारी में भारत ने 224 रन बनाए, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 247 रन बनाकर 23 रनों की बढ़त हासिल की। इसके बाद भारत ने दूसरी पारी में दमदार वापसी करते हुए 396 रन बनाए और इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रनों का लक्ष्य दिया। इंग्लिश टीम इस लक्ष्य के करीब तो पहुंची लेकिन 6 रनों से चूक गई। इस मुकाबले की अंतिम घड़ी तक दोनों टीमें कांटे की टक्कर में रहीं।
गेंदबाजी में सिराज और कृष्णा का जलवा
भारत की जीत में सबसे बड़ी भूमिका तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने निभाई। सिराज ने दोनों पारियों में मिलाकर 9 विकेट झटके, जिसमें दूसरी पारी में उनका ‘पंजा’ यानी 5 विकेट शामिल है। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा ने भी 4 विकेट लेकर इंग्लिश बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी। तीसरे तेज गेंदबाज़ आकाश दीप ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई।
शुभमन गिल की कप्तानी ने दिखाया दम
शुभमन गिल ने कप्तानी में परिपक्वता दिखाई और तीन तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरी टीम को कुशल रणनीति से मैनेज किया। गिल उन चुनिंदा भारतीय कप्तानों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज हारने से टीम को बचाया।

दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल ने शानदार शतक जड़ा। नाइटवॉचमैन के रूप में आए आकाश दीप ने अर्धशतक जड़कर सबको चौंका दिया। रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने भी अर्धशतक बनाकर टीम को मज़बूत स्कोर तक पहुंचाया।
इंग्लैंड की ओर से रूट और ब्रूक लड़े, लेकिन नाकाफी
इंग्लैंड की दूसरी पारी में जो रूट और हैरी ब्रूक ने शानदार शतक जड़े लेकिन बाकी बल्लेबाज़ भारतीय गेंदबाज़ी के सामने टिक नहीं सके। पहली पारी में जैक क्राउली और ब्रूक के अर्धशतक काम आए, लेकिन जीत नहीं दिला सके।
नतीजा: सीरीज 2-2 से ड्रॉ, लेकिन भारत की मनोवैज्ञानिक जीत
यह सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही, लेकिन आखिरी मैच में दमदार वापसी और इंग्लैंड को उसकी ज़मीन पर लगभग हराने के अंदाज़ ने भारत को क्रिकेट जगत में फिर से गौरवान्वित कर दिया।









