Jharkhand News : नई दिल्ली/रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन की तबीयत अचानक गंभीर हो गई है। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती शिबू सोरेन को अब वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। बीते डेढ़ महीने से किडनी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका इलाज चल रहा है। इस वक्त पूरा सोरेन परिवार दिल्ली में मौजूद है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पिता की सेवा में जुटे हैं।
Jharkhand News : शिबू सोरेन की पुत्रवधू कल्पना सोरेन 19 जून को उन्हें रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली लाई थीं, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद से वह अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर लेकिन गंभीर बनी हुई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई बड़े नेता अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल ले चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि “गुरुजी ने जीवनभर संघर्षों को जीता है, ये जंग भी जीतेंगे।”
दिशोम गुरु की संघर्षगाथा
हजारीबाग जिले में 11 जनवरी 1944 को जन्मे शिबू सोरेन आदिवासी समाज के प्रतीक पुरुष माने जाते हैं। उन्हें ‘दिशोम गुरु’ और ‘गुरुजी’ के नाम से जनता पहचानती है। 70 के दशक में ‘धनकटनी आंदोलन’ और आदिवासी शोषण के खिलाफ उनके संघर्ष ने उन्हें जननेता की पहचान दी।
1977 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 1980 से लेकर कई बार सांसद और तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने। हालांकि तीनों बार वे कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। झारखंड को अलग राज्य बनाने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
रामदास सोरेन की तबीयत भी बिगड़ी
इधर, झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को ब्रेन स्ट्रोक के बाद एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अपोलो अस्पताल लाया जा रहा है। झारखंड के राजनीतिक गलियारे में एक के बाद एक नेताओं की बिगड़ती तबीयत से चिंता का माहौल है। फिलहाल शिबू सोरेन के स्वास्थ्य पर देशभर की निगाहें टिकी हैं और पूरा झारखंड उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।











