सिंगरौली (मध्यप्रदेश)। Singrauli MP News : प्रदेश के सिंगरौली जिले के लंघाडोल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है, जहां स्कूलों में बच्चों के हाथों में किताबों और कलम की जगह झाड़ू थमा दिए गए हैं। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले इन स्कूलों में नौनिहाल पढ़ाई छोड़ सफाई कर्मचारी बन गए हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते बच्चों के वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जिनमें मासूम बच्चों ने खुद अपने हालात बयां किए।
Singrauli MP News : एक छात्रा ने बताया, सर कहते हैं पहले झाड़ू लगाओ, फिर पढ़ाई होगी… लेकिन पढ़ाई तो होती ही नहीं है।” वहीं अन्य बच्चों ने भी बताया कि स्कूल में शिक्षक अक्सर गैरहाजिर रहते हैं और जो आते भी हैं, वे बच्चों से झाड़ू और सफाई का काम करवाते हैं।
शिक्षकों की गैरहाजिरी बनी समस्या की जड़
जब इस मामले में स्कूल के एक शिक्षक से बात की गई तो उन्होंने भी स्कूल के प्रधानाध्यापक पर सवाल खड़े किए। शिक्षक का कहना था, “प्रिंसिपल महीनों से स्कूल नहीं आ रहे, बाकी शिक्षक भी नियमित नहीं आते, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई कैसे हो?”
ग्रामीणों का आक्रोश फूटा
स्थानीय ग्रामीण भी स्थिति से बेहद नाराज़ हैं। एक ग्रामीण अभिभावक ने कहा, “हम बच्चों को स्कूल भेजते हैं कि वे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें, लेकिन यहां तो उन्हें झाड़ू पकड़ाकर मजदूरी करवाई जा रही है। यह सरकार के शिक्षा सुधार की असलियत है।” ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार शिक्षा विभाग में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब वे इस मामले को जिला प्रशासन और राज्य सरकार के सामने उठाने की तैयारी में हैं।











