DGCA ऑडिट : नई दिल्ली। देश की विमानन सुरक्षा एजेंसी नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने वर्ष 2024-25 के दौरान आठ घरेलू एयरलाइंस के 23 ऑडिट किए, जिसमें कुल 263 खामियां पाई गईं। DGCA ने इन खामियों को लेवल 1 और लेवल 2 सुरक्षा उल्लंघनों की श्रेणी में रखा है। इनमें कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जिन पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता जताई गई है। DGCA ने इस रिपोर्ट को वार्षिक निगरानी योजना (Annual Surveillance Plan) के तहत तैयार किया।
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प्रमुख एयरलाइनों में पाई गई खामियां:
DGCA की ऑडिट रिपोर्ट में देश की लगभग सभी प्रमुख एयरलाइंस – एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट, एलायंस एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस, टाटा SIA (विस्तारा), क्विक जेट और घोड़ावत स्टार – शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक:
| एयरलाइन | लेवल 1 खामियां | कुल खामियां |
|---|---|---|
| एयर इंडिया एक्सप्रेस | 2 | 25 |
| टाटा SIA (विस्तारा) | 10 | 17 |
| एयर इंडिया | 7 | 51 |
| स्पाइसजेट | – | 14 |
| एलायंस एयर | – | 57 |
| क्विक जेट | – | 35 |
| इंडिगो | – | 23 |
| घोड़ावत स्टार | – | 41 |
एयर इंडिया के गुरुग्राम बेस में 100 से अधिक उल्लंघन
DGCA ने हाल ही में एयर इंडिया के गुरुग्राम बेस का भी व्यापक ऑडिट किया, जहां 100 से अधिक खामियां सामने आईं। इनमें से 7 उल्लंघन लेवल-1 श्रेणी में थे, जिन्हें गंभीर माना गया है। यह ऑडिट 1 से 4 जुलाई, 2025 के बीच हुआ, जिसमें ऑपरेशन्स, क्रू ट्रेनिंग, विश्राम समय, उड़ान तय सीमा, एविएशन ज़ोन अनुमति जैसे कई बिंदुओं पर गहन जांच की गई।
DGCA ने सभी एयरलाइनों को खामियों की सूची सौंपते हुए निर्देशित किया है कि वे निर्धारित समयसीमा में सुधारात्मक कार्रवाई करें और रिपोर्ट जमा करें। DGCA का कहना है कि ये ऑडिट सुरक्षा और अनुपालन की निगरानी के लिए अनिवार्य हैं और इनका उद्देश्य हवाई यातायात को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है।
यह संपूर्ण ऑडिट ICAO (International Civil Aviation Organization) की गाइडलाइंस के अनुसार किया गया है। DGCA ने इन खामियों को केवल रिकॉर्ड भर नहीं माना है, बल्कि सुरक्षा जोखिम के रूप में चिन्हित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश की है।













