Singrauli News: शिक्षा के मंदिर में बच्चों से झाड़ू लगवाया जा रहा, लापरवाही की भेंट चढ़ी स्कूली शिक्षा व्यवस्था…

Sanjay Sahu
Singrauli News:

Singrauli News: सिंगरौली : मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के लंघाडोल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत को उजागर करती हुई एक बेहद चिंताजनक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जिस स्थान को ‘शिक्षा का मंदिर’ कहा जाता है, वहां बच्चों के हाथों में किताबों और कलम के बजाय झाड़ू थमा दिया गया है। यह दृश्य न केवल शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी खुला खिलवाड़ है।

 

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Singrauli News: बच्चों के हाथों में झाड़ू, पढ़ाई से दूर स्कूल

Singrauli News: सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को शिक्षा देने की बजाय उनसे स्कूल की सफाई करवाई जा रही है। स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते मासूम बच्चों की तस्वीरें और उनके बयानों ने स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

Singrauli News: जब बच्चों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि अक्सर शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं रहते और जब आते भी हैं तो उनसे साफ-सफाई करवाई जाती है। एक छात्रा ने बताया, “मैडम कहती हैं कि पहले झाड़ू लगाओ फिर पढ़ाई होगी, लेकिन पढ़ाई तो कभी होती ही नहीं।”

Singrauli News: शिक्षकों की गैरहाजिरी बनी समस्या की जड़

Singrauli News: इस पूरे मामले में जब एक शिक्षक से बात की गई तो उन्होंने खुद स्कूल के प्रधानाध्यापक पर उंगली उठाई। शिक्षक का कहना था कि, “स्कूल के प्रिंसिपल महीनों से स्कूल नहीं आते। बाकी जो शिक्षक नियुक्त हैं, वे भी स्कूल में नियमित रूप से उपस्थिति नहीं देते। ऐसे में पढ़ाई का स्तर कैसे सुधरे?”

Singrauli News: ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

Singrauli News: स्थानीय ग्रामीण भी इस स्थिति से बेहद नाराज़ हैं। एक ग्रामीण अभिभावक ने कहा, “हम अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं ताकि वे पढ़-लिखकर कुछ बन सकें, लेकिन यहां तो शिक्षक ही गायब हैं। हमारे बच्चों से झाड़ू लगवाना, साफ-सफाई करवाना आम हो गया है। यह सरकार के ‘शिक्षा सुधार’ के दावों की सच्चाई है।”

Singrauli News: ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति की शिकायत कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वे अब इस मामले को जिला प्रशासन और मीडिया के माध्यम से राज्य स्तर तक उठाने की योजना बना रहे हैं।

Singrauli News: शिक्षा विभाग की चुप्पी और सरकारी दावों की हकीकत

Singrauli News: प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और डिजिटल इंडिया की तर्ज पर स्मार्ट शिक्षा देने के तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिलकुल विपरीत है। ऐसे हालातों में बच्चों का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है।

Singrauli News: इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि लंघाडोल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था गहरी नींद में है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस मामले पर कब तक जागता है और लापरवाह अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

 

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