ujjain News: उज्जैन/ राजेश व्यास : उज्जैन। साल में एक बार नाग पंचमी के अवसर पर खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के पट रात्रि 12 बजे शुभ मुहूर्त में खोले गए।मंदिर के पट खुलने के बाद सर्वप्रथम श्री पंचायती महानिर्वाणीअखाडा महाकालेश्वर मंदिर के महंत विनीतगिरी महाराज जी ने विधि-विधान से नागचंद्रेश्वर भगवान का पूजन अर्चन किया । इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे ।
ujjain News: नाग चंद्रेश्वर की प्रतिमा के पूजन के पश्चात नागचंद्रेश्वर के शिवलिंग का पूजन और अभिषेक किया गया। पूजन अर्चन के बाद भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए। नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट हर साल सिर्फ एक बार नागपंचमी के दिन 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। श्रद्धालु आज रात 12 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। यहां 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। प्रशासन ने भीड़ को संभालने और सुरक्षा के लिए 200 वरिष्ठ अधिकारी, 2,500 कर्मचारी, 1,800 पुलिसकर्मी और 560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
ujjain News: नागचंद्रेश्वर भगवान की प्रतिमा 11 वीं शताब्दी की मानी जाती है। इस अद्भुत प्रतिमा में शिवजी और माता पार्वती एक फन फैलाए हुए नाग के आसन पर विराजमान हैं। शिवजी नाग शैय्या पर लेटे हुए दिखाई देते हैं, और उनके साथ मां पार्वती तथा भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाएं भी मौजूद हैं।प्रतिमा में सप्तमुखी नाग देवता भी दर्शाए गए हैं। साथ ही शिवजी और पार्वतीजी के वाहन नंदी और सिंह भी प्रतिमा में विराजित हैं। शिवजी के गले और भुजाओं में नाग लिपटे हुए हैं, जो इस मूर्ति की विशेषता को और अधिक दिव्य बनाते हैं।











