Smuggling : राजनांदगांव| राजनांदगांव जिले में पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। सोमनी पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 215 किलो गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे गांजे को ट्रक में स्पंज आयरन के नीचे छिपा कर लाया जा रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने गांजा, ट्रक और मोबाइल फोन समेत कुल ₹46.75 लाख की संपत्ति जब्त की है।
गोपनीय सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस को एक मुखबिर से जानकारी मिली थी कि एक ट्रक (क्रमांक WB-23-E-4218) में अवैध गांजा भरकर ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम गठित कर सेमनी थाना क्षेत्र के सामने नाकाबंदी प्वाइंट बनाया।
स्पंज आयरन की आड़ में छिपा था गांजा
कुछ देर की प्रतीक्षा के बाद दुर्ग की ओर से आ रहा संदिग्ध ट्रक नजर आया, जिसे तुरंत रोककर जांच की गई। ट्रक की तलाशी लेने पर ऊपर की परत में स्पंज आयरन लदा हुआ मिला, जबकि पिछले हिस्से में छिपाकर रखी गईं 8 प्लास्टिक की बोरियों में पीवीसी टेप में लिपटा हुआ गांजा बरामद हुआ। बोरियों का वजन कुल 215 किलो था, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹21.50 लाख आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपी और तस्करी का तरीका
पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि 20 जुलाई को वे कौशल फेरो मेटल प्रा.लि. से स्पंज आयरन भरकर जलना (महाराष्ट्र) जा रहे थे। संबलपुर के पास एक ढाबे पर खाना खाने के बाद, तीन लोगों ने उन्हें एक पार्सल डील ऑफर की — प्रत्येक बोरी के ₹5000 देने का लालच। रात 12 बजे के करीब, सोहेला से एक किलोमीटर पहले एक टेंपो में 8 बोरियां ट्रक में लादी गईं।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ख) के तहत अपराध मानते हुए केस दर्ज कर लिया है। गांजा, ट्रक (कीमत ₹25 लाख) और दो मोबाइल फोन (कीमत ₹25,000) समेत कुल ₹46.75 लाख की सामग्री जब्त कर ली गई है।
गिरफ्तार आरोपी:
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भरत कुमार सिंह, पिता – रमाधार सिंह
निवासी – ताजपुर, जिला छपरा, बिहार -
पुरन लाल लड़िया
निवासी – ग्राम कुमरोड़ा (रिचई), थाना सुआताला, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश
वर्तमान पता – झांकड़पारा धनकौड़ा, जिला संबलपुर, ओडिशा
जांच जारी, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी तस्कर किस बड़े गिरोह से जुड़े हैं और किन-किन राज्यों में उनका नेटवर्क फैला हुआ है। मामले में ओडिशा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र पुलिस के बीच समन्वय की भी संभावना जताई जा रही है।














