Rail passenger safety : नई दिल्ली | भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को और सशक्त बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी और तकनीकी रूप से उन्नत योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत देशभर में करीब 74,000 यात्री डिब्बों और 15,000 लोकोमोटिव इंजनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
रेल मंत्रालय ने बताया कि हर यात्री कोच में 4 डोम-टाइप कैमरे लगाए जाएंगे — जो कि दोनों प्रवेश द्वारों पर निगरानी सुनिश्चित करेंगे। वहीं, हर इंजन में 6 कैमरे लगाए जाएंगे: आगे, पीछे और दोनों तरफ के नज़रों के लिए। इंजन कैबिन (फ्रंट और रियर) में एक-एक डोम कैमरा और दो डेस्क-माउंटेड माइक्रोफोन भी लगाए जाएंगे।
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कम रोशनी और तेज गति में भी साफ रिकॉर्डिंग
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये सभी कैमरे हाई-डेफिनिशन क्वालिटी के होंगे और कम रोशनी में भी स्पष्ट वीडियो रिकॉर्ड कर सकेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने 12 जुलाई को रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक की। मंत्री ने निर्देश दिए कि कैमरे 100 किमी/घंटा या उससे अधिक गति से चलने वाली ट्रेनों में भी स्थिर और साफ फुटेज रिकॉर्ड करें।
निजता का रखा जाएगा पूरा ध्यान
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि CCTV कैमरे सिर्फ सामान्य आवागमन वाले हिस्सों, जैसे कि कोच के प्रवेश द्वार, इंजन कैबिन आदि में ही लगाए जाएंगे। यात्रियों की निजता (प्राइवेसी) को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। कोई भी कैमरा शौचालय या निजी खंडों में नहीं होगा।
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AI करेगा डेटा का विश्लेषण
इस योजना के तहत कैमरे STQC सर्टिफाइड होंगे और भविष्य में IndiaAI मिशन के सहयोग से इनके डेटा का AI आधारित विश्लेषण भी किया जाएगा। इसका मकसद संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान करना है ताकि कोई भी खतरा होने से पहले ही नियंत्रित किया जा सके।
सुरक्षा के साथ अपराध पर भी लगाम
रेलवे का मानना है कि यह योजना न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा को एक नए स्तर तक ले जाएगी, बल्कि ट्रेनों में सक्रिय संघठित अपराधियों, ठगों, और पॉकेटमार गिरोहों पर भी लगाम लगाने में कारगर साबित होगी। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए यह कदम बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
आने वाले समय में और सुधार
रेलवे इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ प्रमुख ट्रेनों में लागू करेगा और उसके बाद इसे चरणबद्ध रूप से देशभर में लागू किया जाएगा। इस तकनीकी उन्नयन के साथ भारतीय रेलवे की सुरक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने का प्रयास किया जा रहा है।











