MP High Court: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामला एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मृत्यु के बाद विभाग की ओर से निकाली गई रिकवरी और हाई कोर्ट के पहले के आदेश के अनुपालन से जुड़ा है। अदालत ने वारंट की तामील कराने की जिम्मेदारी जबलपुर रेंज के आईजी को सौंपी है।
मामला जबलपुर निवासी सीता तिवारी की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के अनुसार, उनके पति संतोष तिवारी छिंदवाड़ा जिले में पुलिस विभाग में पदस्थ थे। सेवा के दौरान 14 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया था।पति की मृत्यु के बाद पुलिस विभाग की ओर से उनके खिलाफ करीब 2.24 लाख रुपये की रिकवरी निकाली गई। इस मामले को लेकर सीता तिवारी ने हाई कोर्ट का रुख किया था।
पहले याचिकाकर्ता के पक्ष में आया था आदेश
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद अदालत के आदेश का पालन किया जाना था।लेकिन आरोप है कि अदालत के निर्देश के बावजूद अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश नहीं की गई। 6 नवंबर 2025 को नोटिस जारी होने के बाद भी इस संबंध में अपेक्षित कार्रवाई की रिपोर्ट अदालत के समक्ष नहीं पहुंची।
नोटिस मिलने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं
सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि छिंदवाड़ा एसपी ने गृह विभाग के अवर सचिव को पत्र भेजकर नोटिस मिलने की जानकारी दी थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल संबंधित अधिकारी या विभाग को नोटिस मिलने की सूचना देना पर्याप्त नहीं है।अदालत के अनुसार, अधिकारियों को आदेश का पालन करने के बाद अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी चाहिए थी।
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पेश नहीं होने पर कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि आदेश का पालन नहीं करना और नोटिस मिलने के बाद भी अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होना गंभीर स्थिति है।इसी आधार पर अदालत ने छिंदवाड़ा एसपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। हाई कोर्ट ने जबलपुर रेंज के आईजी को वारंट की तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
1 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई
अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी। इस दौरान अदालत के सामने मामले में आगे की कार्रवाई और आदेश के अनुपालन से जुड़ी स्थिति रखी जाएगी।मामला मूल रूप से रिटायर्ड पुलिसकर्मी संतोष तिवारी की मृत्यु के बाद निकाली गई रिकवरी और उस संबंध में हाई कोर्ट के आदेश के पालन से जुड़ा है। कोर्ट की अगली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि आदेश के अनुपालन को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।






