Chhattisgarh News: रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर राज्यों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई नियुक्तियां की हैं। इस सूची में छत्तीसगढ़ के दो नेताओं को दूसरे राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पत्थलगांव विधायक गोमती साय को गुजरात का सह-प्रभारी बनाया गया है, जबकि अकलतरा के पूर्व विधायक सौरभ सिंह को झारखंड का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
Chhattisgarh News: गुजरात में तरुण चुघ प्रभारी
भाजपा की नई सूची के अनुसार गुजरात में तरुण चुघ को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ गोमती साय और अजय महावर को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। गुजरात में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा ने चुनावी राज्यों के लिए संगठनात्मक टीमों में बदलाव किया है।
झारखंड में गजेंद्र पटेल प्रभारी
झारखंड में गजेंद्र पटेल को प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक सौरभ सिंह और बिहार की निवेदिता सिंह को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
Chhattisgarh News: कौन हैं गोमती साय?
Chhattisgarh News: गोमती साय छत्तीसगढ़ भाजपा की नेता हैं और वर्तमान में पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इससे पहले वे रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुकी हैं। उनका राजनीतिक सफर जिला पंचायत और संगठनात्मक जिम्मेदारियों से होते हुए संसद और विधानसभा तक पहुंचा है।
Chhattisgarh News: गोमती साय का राजनीतिक सफर
2005-2010: जशपुर जिला पंचायत सदस्य
2006-2008: जशपुर जिला युवा मोर्चा की महामंत्री
2008-2010: जशपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष
2010-2015: फरसाबहार जनपद सदस्य
2015-2019: जशपुर जिला पंचायत अध्यक्ष
2019-2023: रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद
2023: पत्थलगांव विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित
अब उन्हें गुजरात में सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
कौन हैं सौरभ सिंह?
सौरभ सिंह जांजगीर-चांपा जिले की अकलतरा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक हैं। वे 2008 में पहली बार विधायक चुने गए थे और बाद में भाजपा के टिकट पर 2018 में अकलतरा से विधानसभा चुनाव जीता। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब भाजपा ने उन्हें झारखंड में संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है।
नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू
Chhattisgarh News: भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संगठनात्मक प्रभारियों की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं। नई जिम्मेदारियों के तहत छत्तीसगढ़ के दोनों नेताओं की भूमिका अब राज्य से बाहर पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में भी रहेगी।






