कृष्णा नायक/सुकमा। Nishaanebaz.com-Chirayu Yojana Success Story: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के दूरस्थ क्षेत्र कोंटा की रहने वाली मेधावी छात्रा रितु कटटम के लिए जीवन एक बार फिर नई उम्मीदों के साथ मुस्कुरा उठा है। जन्मजात दिल के छेद (हृदय रोग) की गंभीर बीमारी से जूझ रही रितु का राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ‘चिरायु योजना’ (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के तहत पूरी तरह से मुफ्त और सफल इलाज कराया गया है। इलाज के बाद अब रितु पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से अपनी पढ़ाई में जुट गई है।
ग्राम एर्राबोर निवासी रितु के परिवार को जब उसकी इस गंभीर बीमारी का पता चला था, तब पूरे घर में मातम छा गया था। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवार के लिए राजधानी रायपुर के बड़े अस्पतालों में हृदय रोग का महंगा इलाज कराना असंभव सा लग रहा था। बीमारी की वजह से रितु की पढ़ाई और सामान्य दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होने लगी थी, जिससे उसका भविष्य अंधकारमय दिखने लगा था।
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मुसीबत के इस दौर में सुकमा कलेक्टर अमित कुमार और मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम परिवार के लिए मसीहा बनकर सामने आई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा में पदस्थ डॉ. सोमेंद्र कुमार रात्रे और डॉ. हिरमा मरकाम ने रितु का प्राथमिक परीक्षण किया। जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि होने पर चिरायु योजना के तहत उसे तुरंत उच्च स्तरीय निपुण चिकित्सा देखभाल के लिए रायपुर के नारायणा एमएमआई अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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रायपुर के शीर्ष हृदय रोग विशेषज्ञों ने रितु के दिल के छेद का जटिल ऑपरेशन सफलता पूर्वक संपन्न किया। इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया गया। सफल सर्जरी के बाद स्वस्थ होकर अपने गांव लौटी रितु के चेहरे पर अब नई मुस्कान और आंखों में बड़े सपने तैर रहे हैं। रितु के परिजनों ने इस संवेदनशीलता और जीवनदायिनी सहायता के लिए जिला प्रशासन, चिरायु टीम और प्रदेश सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया है।







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