Tuesday, September 15, 2026
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Ganesh Visarjan Rules: गणेश चतुर्थी के बाद कब विदा करें बप्पा? जानें 1.5 से 10 दिन तक की परंपरा

Ganesh Visarjan Rules: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा की स्थापना होते ही भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच जाता है। इस साल 14 सितंबर 2026, सोमवार से गणेशोत्सव शुरू हुआ है। गणपति स्थापना के बाद सबसे ज्यादा सवाल यही रहता है कि आखिर गणेश विसर्जन कितने दिन बाद करना चाहिए? क्या डेढ़ दिन में विसर्जन किया जा सकता है या फिर 3, 5, 7 और 10 दिन तक बप्पा को घर में रखना जरूरी है?दरअसल, धार्मिक परंपराओं के अनुसार गणपति विसर्जन के लिए एक ही दिन अनिवार्य नहीं माना जाता। परिवार की परंपरा, श्रद्धा, संकल्प और सुविधा के अनुसार डेढ़, 3, 5, 7 या 10 दिन बाद विसर्जन किया जाता है। हालांकि, अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन का सबसे प्रमुख दिन माना जाता है।

डेढ़ दिन में भी कर सकते हैं विसर्जन
कई परिवार गणपति स्थापना के बाद डेढ़ दिन तक बप्पा को घर में रखते हैं। इस परंपरा में स्थापना के अगले दिन दोपहर बाद विधि-विधान से पूजा और आरती करने के बाद गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।यह तरीका खास तौर पर उन परिवारों में देखने को मिलता है, जो कम अवधि में गणेशोत्सव मनाते हैं या किसी विशेष संकल्प के तहत बप्पा की स्थापना करते हैं। आस्था के अनुसार, भगवान गणेश को घर में कितने दिन रखा गया, उससे ज्यादा महत्व पूजा में श्रद्धा और भाव का माना जाता है।

3, 5 और 7 दिन की भी परंपरा
गणेशोत्सव में कई परिवार 3, 5 या 7 दिन तक गणपति को घर में विराजमान रखते हैं। इन दिनों में सुबह-शाम पूजा, आरती और भोग लगाया जाता है। संकल्प की अवधि पूरी होने के बाद तय दिन पर बप्पा को सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है।धार्मिक मान्यताओं में 3, 5 और 7 जैसे विषम दिनों को गणपति विसर्जन के लिए शुभ माना जाता है। हालांकि, यह व्यवस्था हर परिवार में एक जैसी नहीं होती। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अपनी-अपनी परंपराएं प्रचलित हैं।
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5 दिन का विसर्जन क्यों चुनते हैं?
कई श्रद्धालु गणपति को पांच दिनों के लिए घर लाते हैं। इसके पीछे उनकी पारिवारिक परंपरा या कोई धार्मिक संकल्प हो सकता है। पांच दिनों तक बप्पा की नियमित पूजा-अर्चना के बाद पांचवें दिन विसर्जन किया जाता है।इस दौरान घर में भक्तिमय माहौल बना रहता है और परिवार के सदस्य मिलकर गणपति की सेवा करते हैं। संकल्प पूरा होने के बाद पूजा-अर्चना करके प्रतिमा को विदाई दी जाती है।

7 दिन तक बप्पा की पूजा
कुछ परिवार गणेश प्रतिमा को सात दिनों तक घर में रखते हैं। इस अवधि में प्रतिदिन पूजा, आरती और भोग की परंपरा निभाई जाती है। सातवें दिन गणपति विसर्जन किया जाता है।यह भी श्रद्धालुओं की मान्यता और पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करता है। इसलिए अगर किसी परिवार में वर्षों से सातवें दिन विसर्जन की परंपरा चली आ रही है, तो उसी के अनुसार गणेशोत्सव मनाया जाता है।

अनंत चतुर्दशी सबसे खास मानी जाती है
गणेशोत्सव का सबसे प्रमुख विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन माना जाता है। गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला दस दिवसीय उत्सव इसी दिन अपने बड़े समापन तक पहुंचता है। इस दिन देशभर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणपति की शोभायात्रा निकालकर विधि-विधान से विसर्जन करते हैं।धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणपति विसर्जन बप्पा की विदाई का प्रतीक है। भक्त उनसे अपने जीवन के विघ्न और परेशानियां दूर करने तथा अगले वर्ष फिर घर आने की प्रार्थना करते हैं।

कौन सा दिन सबसे शुभ है?
अगर बात Ganesh Visarjan Rules के अनुसार सबसे प्रमुख दिन की करें, तो धार्मिक परंपरा में अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन का मुख्य दिन माना जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि डेढ़, 3, 5 या 7 दिन में विसर्जन करने की परंपरा गलत है।वास्तव में विसर्जन का दिन परिवार की परंपरा, संकल्प और स्थानीय रीति-रिवाज के अनुसार तय किया जाता है। इसलिए अपने घर में चली आ रही परंपरा के अनुसार बप्पा की पूजा और विसर्जन करना उचित माना जाता है।गणपति को विदाई देते समय भक्त उनसे अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं—“गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।”

धार्मिक अस्वीकरण: यह जानकारी प्रचलित धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों, परिवारों और संप्रदायों में गणेश स्थापना और विसर्जन की विधि अलग हो सकती है।

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