Rewa Education: रीवा। रीवा संभाग के संभाग आयुक्त शीलेन्द्र सिंह के औचक निरीक्षण में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हो गईं। बुधवार को ग्राम सिलपरा स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के निरीक्षण के दौरान चौथी और छठी कक्षा के कई छात्र सामान्य हिंदी की किताब भी ठीक से नहीं पढ़ पाए। बच्चों का कमजोर शैक्षणिक स्तर देखकर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी जताई और मौके पर ही जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।
निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त शीलेन्द्र सिंह सीधे कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी शैक्षणिक क्षमता का आकलन किया। उन्होंने चौथी और छठी कक्षा के विद्यार्थियों से हिंदी की पाठ्यपुस्तक पढ़ने को कहा, लेकिन अधिकांश छात्र सामान्य शब्दों और वाक्यों का भी सही उच्चारण नहीं कर सके। बच्चों की इस स्थिति ने स्कूल में चल रहे शैक्षणिक स्तर की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी।
Rewa Education: कमिश्नर ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। शिक्षकों को नियमित वेतन, प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद यदि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के छात्र सामान्य हिंदी भी नहीं पढ़ पा रहे हैं, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी जवाब-तलब किया और पूछा कि जब स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, तब भी बच्चों का शैक्षणिक स्तर इतना कमजोर क्यों है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शैक्षणिक कार्य में लापरवाही और दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता पाए जाने पर कमिश्नर ने प्रभारी प्राचार्य सहित हिंदी विषय पढ़ाने वाले तीन शिक्षकों के खिलाफ तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही चारों कर्मचारियों की एक-एक वार्षिक वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने के आदेश भी जारी किए गए।
Rewa Education: कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सभी शिक्षक अपनी शिक्षण पद्धति में तत्काल सुधार लाएं और प्रत्येक विद्यार्थी के पढ़ने-लिखने की क्षमता बढ़ाने के लिए गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल की नियमित निगरानी की जाए और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी निरीक्षण में यदि बच्चों के पठन-पाठन के स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं मिला, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सेवा समाप्ति सहित और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सरकारी स्कूलों को बेहतर शिक्षा का केंद्र बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Rewa Education: कमिश्नर की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य सरकारी स्कूलों का भी इसी तरह औचक निरीक्षण किया जा सकता है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया जा सके और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।




