Kanker Malaria Outbreak: कांकेर में मलेरिया का प्रकोप इलाज के लिए उफनती नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

0
41

Kanker Malaria Outbreak: कांकेर में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कंदाड़ी के आश्रित गांव खैरीपदर सहित आसपास के कई गांवों में बड़ी संख्या में लोग मलेरिया की चपेट में हैं। बीमारी के साथ-साथ सबसे बड़ी परेशानी इलाज तक पहुंचने की है, क्योंकि ग्रामीणों को अस्पताल जाने के लिए उफनती नदी पार करनी पड़ रही है।

बीमार बेटे को लेकर नदी किनारे बैठी मां की तस्वीर ने झकझोरा

कांकेर में मलेरिया का प्रकोप उस समय और भी गंभीर दिखाई दिया, जब एक मां अपने तेज बुखार से पीड़ित बेटे को गोद में लेकर नदी किनारे घंटों तक नाव का इंतजार करती नजर आई। बारिश के कारण नदी उफान पर थी और बिना नाव के गांव पहुंचना संभव नहीं था। यह तस्वीर दूरस्थ आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को सामने लाती है।

Mahasamund News: बाल संप्रेक्षण गृह से 8 नाबालिग फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

चार दिन से बुखार, जांच में निकला मलेरिया

Kanker Malaria Outbreak: परिजनों के मुताबिक खैरीपदर निवासी रामलाल के बेटे को चार दिनों से तेज बुखार था। छोटेबेठिया में जांच कराने पर मलेरिया की पुष्टि हुई। इलाज के बाद जब परिवार घर लौट रहा था, तब नदी पार करने के लिए घंटों तक नाव का इंतजार करना पड़ा। कांकेर में मलेरिया का प्रकोप केवल बीमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के लिए अस्पताल तक पहुंचना भी बड़ी चुनौती बन गया है।

कई गांवों के लोग निजी इलाज पर निर्भर

कांकेर में मलेरिया का प्रकोप कंदाड़ी पंचायत के खैरीपदर, आमाटोला, आलदंड, बेहिबेड़ा, कल्पर और हिदहूर समेत कई गांवों में फैल चुका है। इन गांवों के लोगों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी क्लीनिक और मेडिकल स्टोर से इलाज कराना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च बड़ी परेशानी बन गया है।

समय पर सूचना नहीं मिलने से छूट गए कई ग्रामीण

Kanker Malaria Outbreak: ग्राम पंचायत कंदाड़ी की सरपंच मैनी कचलम ने बताया कि कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में सर्वे और स्वास्थ्य शिविर लगाया था, लेकिन अधिकांश ग्रामीणों को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी। इसके कारण कई लोग जांच से वंचित रह गए। कांकेर में मलेरिया का प्रकोप देखते हुए अब दोबारा विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की जा रही है।

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से की यह मांग

आदिवासी छात्र युवा संगठन के अध्यक्ष लक्ष्मण मंडावी ने प्रभावित गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने, घर-घर जांच अभियान चलाने, आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने और मच्छरदानियां वितरित करने की मांग की है। साथ ही उप स्वास्थ्य केंद्र सितरम के आरएचओ की मुख्यालय में नियमित उपस्थिति और गांवों के लगातार दौरे की भी मांग उठाई गई है। उनका कहना है कि कांकेर में मलेरिया का प्रकोप रोकने के लिए त्वरित और व्यापक कार्रवाई जरूरी है।

Mega ED Action in CG: भारतमाला मुआवजा घोटाले में ED का बड़ा प्रहार; 12.78 करोड़ की 62 संपत्तियां कुर्क, शेयर और म्यूचुअल फंड भी ज़ब्त

स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौती बनी बड़ी चिंता

Kanker Malaria Outbreak: बारिश के मौसम में मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी सामान्य मानी जाती है, लेकिन दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी स्थिति को और गंभीर बना रही है। यदि समय रहते जांच, उपचार और जागरूकता अभियान नहीं चलाए गए, तो बीमारी का दायरा और बढ़ सकता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द प्रभावी कदम उठाकर स्वास्थ्य सेवाओं को उनके गांव तक पहुंचाएगा।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here