छत्तीसगढ़ में बाढ़ कहर! धमतरी में मछुआरे की मौत, 9 साल का मासूम 5 दिन से गायब, अबूझमाड़ में 16 घर तबाह

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Chhattisgarh Flood Havoc: छत्तीसगढ़ बाढ़ कहर लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बारिश और बाढ़ से जुड़ी दर्दनाक घटनाएं सामने आ रही हैं। धमतरी जिले में उफनते एनीकट में बहने से एक मछुआरे की मौत हो गई, जबकि 9 वर्षीय छात्र पिछले पांच दिनों से लापता है। वहीं नारायणपुर के अबूझमाड़ इलाके में बाढ़ ने 16 घरों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।

छत्तीसगढ़ बाढ़ कहर के बीच धमतरी जिले के सिहावा थाना क्षेत्र के घोटगांव निवासी धनंजय तेता मछली पकड़ने के लिए सेमरा एनीकट पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक जलस्तर बढ़ गया और तेज बहाव में वह बह गए।सूचना मिलने के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने लगातार तलाश अभियान चलाया। करीब दो दिन की खोजबीन के बाद उनका शव बरामद किया गया।

9 साल का मासूम पांच दिन से लापता
छत्तीसगढ़ बाढ़ कहर के बीच सिरसिदा गांव का चौथी कक्षा में पढ़ने वाला 9 वर्षीय छात्र खेलते-खेलते घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। घटना को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला है।पुलिस और प्रशासन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि बच्चा बारिश के दौरान किसी उफनते नदी या नाले की चपेट में आ गया हो सकता है। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एक और व्यक्ति के लापता होने की सूचना
छत्तीसगढ़ बाढ़ कहर के दौरान क्षेत्र से एक अन्य व्यक्ति के भी लापता होने की जानकारी मिली है। पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है और संभावित स्थानों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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अबूझमाड़ में बाढ़ ने उजाड़े 16 घर
छत्तीसगढ़ बाढ़ कहर का असर नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में भी देखने को मिला है। जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर मेटानार ग्राम पंचायत के आश्रित गांव कादेर में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई।ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ में 16 घर पूरी तरह नष्ट हो गए। कई परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने रहने तथा भोजन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

दस्तावेज, सामान और मवेशी भी बह गए
ग्रामीणों का कहना है कि छत्तीसगढ़ बाढ़ कहर में उनके घरों के साथ दैनिक उपयोग का सामान, जरूरी दस्तावेज, जमा पूंजी और पालतू जानवर भी बह गए। कई परिवार फिलहाल दूसरे लोगों की मदद से अपना गुजारा कर रहे हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अब तक उन्हें पर्याप्त सरकारी राहत नहीं मिली है और वे जल्द सहायता की मांग कर रहे हैं।

पहले भी हो चुकी हैं दर्दनाक घटनाएं
छत्तीसगढ़ बाढ़ कहर के बीच 30 जुलाई को भी नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण दो बच्चियों की बहने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही बारिश से कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।मौसम विभाग ने लोगों से नदी, नालों और एनीकट के आसपास जाने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

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