दुकानदार सावधान, MP में कम तोलना पड़ेगा भारी! नए नियम में 1 लाख तक जुर्माने का प्रस्ताव

0
30

MP Legal Metrology Rules 2026: मध्यप्रदेश सरकार ने विधिक माप विज्ञान नियम, 2011 (Legal Metrology Rules) में संशोधन के लिए नया ड्राफ्ट जारी किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी प्रस्तावित नियमों में कम नापतौल, अमानक बाट-तराजू के इस्तेमाल और बिना पंजीयन कारोबार करने पर 1 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।

हालांकि, यह नियम अभी लागू नहीं हुआ है। सरकार ने ड्राफ्ट पर 30 दिनों के भीतर व्यापारियों और संबंधित पक्षों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद प्राप्त सुझावों पर विचार कर अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।

कम नापतौल करने वालों पर होगी सख्ती
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार यदि कोई व्यापारी कम वजन देकर सामान बेचता है, अमानक बाट या तराजू का उपयोग करता है या आवश्यक पंजीयन के बिना कारोबार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही वजन और माप के अनुसार सामान उपलब्ध कराना तथा बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना है।
Read more: MP Crime: प्रेम प्रसंग का दर्दनाक अंत! जहरीला पदार्थ खाने से युवती की मौत, मौसी-भतीजे के रिश्ते ने खड़े किए बड़े सवाल

छोटे व्यापारियों को दी जाएगी राहत
ड्राफ्ट नियमों में छोटे फेरीवालों और साप्ताहिक बाजारों में कारोबार करने वाले दुकानदारों को भी ध्यान में रखा गया है। ऐसे व्यापारियों के लिए समझौता राशि (Compounding Fee) में राहत का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि छोटे कारोबारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

अधिकारियों को मिलेगी अधिक जांच की शक्ति
प्रस्तावित नियमों के तहत विधिक माप विज्ञान (नापतौल) विभाग के अधिकारियों को दुकानों, गोदामों और फैक्ट्रियों का निरीक्षण करने के व्यापक अधिकार दिए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान अधिकारी:

  • बाट, तराजू और इलेक्ट्रॉनिक मशीनों की जांच कर सकेंगे।
  • पैकेटबंद वस्तुओं का वजन और लेबल सत्यापित करेंगे।
  • आवश्यक दस्तावेज और पंजीयन प्रमाणपत्र मांग सकेंगे।
  • नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।

30 दिन तक मांगे गए सुझाव
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रस्तावित ड्राफ्ट है। अगले 30 दिनों तक व्यापारिक संगठनों, उद्योगों और आम नागरिकों से सुझाव व आपत्तियां ली जाएंगी। इन पर विचार करने के बाद ही संशोधित नियमों को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।यदि ये नियम लागू होते हैं, तो प्रदेश में नापतौल व्यवस्था अधिक पारदर्शी होने के साथ उपभोक्ताओं के हितों को भी मजबूती मिलेगी।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here