Raipur Court Fake Bail Case: रायपुर कोर्ट फर्जी जमानत मामला राजधानी में चर्चा का विषय बन गया है। कोर्ट परिसर में फर्जी दस्तावेजों के सहारे आरोपियों की जमानत कराने की कोशिश का खुलासा होने के बाद पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी महिलाएं खुद को जमानतदार बताकर न्यायिक प्रक्रिया को गुमराह करने की कोशिश कर रही थीं।
रायपुर कोर्ट फर्जी जमानत मामला उस समय सामने आया जब सिविल लाइन थाना पुलिस को कोर्ट परिसर में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए।
फर्जी लोन बुक और दस्तावेजों का किया इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार रायपुर कोर्ट फर्जी जमानत मामला में आरोपी महिलाएं फर्जी ऋण पुस्तिका (लोन बुक) और अन्य सरकारी दस्तावेजों में काट-छांट कर उन्हें असली दिखाने की कोशिश कर रही थीं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वे खुद को जमानतदार बताकर आरोपियों को अदालत से जमानत दिलाना चाहती थीं।
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पूछताछ में स्वीकार किया फर्जीवाड़ा
रायपुर कोर्ट फर्जी जमानत मामला की पूछताछ के दौरान महिलाओं ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इन दस्तावेजों को किसने तैयार किया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि रायपुर कोर्ट फर्जी जमानत मामला केवल तीन महिलाओं तक सीमित नहीं हो सकता। इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह संगठित गिरोह लंबे समय से इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरोपियों की जमानत कराता रहा है।
जांच के बाद हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
जांच अधिकारियों के अनुसार रायपुर कोर्ट फर्जी जमानत मामला में कई और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। दस्तावेजों की जांच, कोर्ट रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।





