Thursday, September 17, 2026
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MP Bureaucracy Reshuffle: मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल; 8 IAS अधिकारियों के तबादले, 3 जिलों के कलेक्टर बदले

MP 29 IAS Transfer:
MP 29 IAS Transfer:

MP Bureaucracy Reshuffle: भोपाल (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए 8 वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। राज्य शासन द्वारा जारी इस नई सूची के तहत 3 प्रमुख जिलों—शहडोल, छतरपुर और बालाघाट में नए जिला कलेक्टरों की तैनाती की गई है, वहीं कई वरिष्ठ अफसरों के विभागों में फेरबदल करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

3 जिलों में नए जिलाधीशों की तैनाती

प्रशासनिक फेरबदल के अंतर्गत जिलों की कमान में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:

  1. पार्थ जायसवाल: छतरपुर के कलेक्टर पद से स्थानांतरित करते हुए शहडोल जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

  2. मृणाल मीणा: बालाघाट कलेक्टर के पद से हटाकर उन्हें छतरपुर जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है।

  3. कुमार सत्यम: ग्वालियर में अपर कलेक्टर के रूप में कार्यरत कुमार सत्यम को पदोन्नत/स्थानांतरित करते हुए बालाघाट जिले के कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है।

  4. मिशा सिंह: शहडोल में पदस्थ रहीं मिशा सिंह को स्थानांतरित कर नगरीय विकास एवं आवास विभाग में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को मिलीं नई जिम्मेदारियां

  • आदित्य गर्ग: मंदसौर कलेक्टर के पद पर कार्यरत आदित्य गर्ग को परियोजना संचालक, मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड नियुक्त किया गया है।

  • अंकित अस्थाना: आईएएस अधिकारी अंकित अस्थाना को कर्मचारी चयन बोर्ड (ESB) की कमान सौंपी गई है।

  • दिनेश जैन: अपर सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पद से स्थानांतरित कर उन्हें ओएसडी सह संचालक (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग) तथा अपर सचिव (खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग) की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासनिक कसावट लाने की दिशा में कदम

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी इस तबादला सूची के बाद सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द अपने नए पदस्थानों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि मैदानी स्तर पर योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है।

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