Umaria Food Safety Campaign: उमरिया (मध्य प्रदेश)। प्रदेशव्यापी ‘मिलावट से मुक्ति अभियान’ के तहत उमरिया जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आम नागरिकों, विशेषकर स्कूली बच्चों और महिलाओं को मिलावटी खाद्य पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने और उनकी शुद्धता की पहचान करने के गुर सिखाने के उद्देश्य से जिले के शैक्षणिक संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
उत्कृष्ट विद्यालय में लाइव डेमो के जरिए सिखाई गई पहचान
अभियान के तहत उमरिया के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने रोजमर्रा के खान-पान में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख वस्तुओं—जैसे दूध, पनीर, रिफाइंड तेल और हल्दी में होने वाली संभावित मिलावट के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने बताया कि साधारण और घरेलू तरीकों से भी मिलावट की पहचान की जा सकती है। विद्यार्थियों को आयोडीन जैसे सामान्य केमिकल की मदद से स्टार्च और अन्य मिलावटी तत्वों की जांच का व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रयोग करके दिखाया गया। बच्चों ने इस पूरी प्रक्रिया को स्वयं देखकर, समझकर और प्रयोग में लाकर शुद्धता परखने के तरीके सीखे।
आंगनवाड़ी केंद्रों में महिलाओं व बच्चों को किया गया जागरूक
स्कूलों के साथ-साथ इस कड़ी में जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां छोटे बच्चों की माताओं और स्थानीय महिलाओं को मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में सचेत किया गया। खाद्य विभाग की टीम ने महिलाओं को बाजार से सामान खरीदते समय बरती जाने वाली सावधानियों और मिलावट से बचाव के उपाय बताए।
मोबाइल लैब की मदद से मौके पर ही हुई खाद्य पदार्थों की जांच
इस पूरे जागरूकता अभियान में खाद्य सुरक्षा विभाग की आधुनिक उपकरणों से लैस चलित खाद्य प्रयोगशाला (मोबाइल लैब) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मोबाइल लैब की मदद से मौके पर ही विभिन्न खाद्य नमूनों की तत्काल जांच की गई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित:
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी: मंजू वर्मा
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केमिस्ट: पीयूष मिश्रा
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प्रयोगशाला टीम: चलित खाद्य प्रयोगशाला के अन्य तकनीकी सदस्य
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मंजू वर्मा और केमिस्ट पीयूष मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को मिलावट के प्रति सतर्क और जागरूक बनाना है, ताकि हर नागरिक अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा स्वयं कर सके। खाद्य विभाग द्वारा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।




