Indore Police: इंदौर। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इंदौर पुलिस ने बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। अब पुलिस को बरामद मादक पदार्थों की पहचान के लिए फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट का कई दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मध्य प्रदेश में पहली बार इंदौर पुलिस के सभी थाना स्तर पर आधुनिक ड्रग्स डिटेक्शन किट उपलब्ध कराई गई है, जिससे मौके पर ही ड्रग्स और उससे जुड़े रासायनिक पदार्थों की प्रारंभिक जांच की जा सकेगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस नई तकनीक से एनडीपीएस (NDPS) मामलों की जांच पहले की तुलना में अधिक तेज, वैज्ञानिक और पारदर्शी होगी, साथ ही नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
हर थाने को मिली आधुनिक ड्रग्स डिटेक्शन किट
पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहर के चारों जोन के सभी थानों और डीसीपी कार्यालयों को अत्याधुनिक ड्रग्स डिटेक्शन किट वितरित की गई। यह पहली बार है जब मध्य प्रदेश में थाना स्तर तक इस तरह की आधुनिक जांच तकनीक उपलब्ध कराई गई है।अब पुलिस जब भी किसी कार्रवाई के दौरान संदिग्ध पाउडर, टैबलेट, कैप्सूल, लिक्विड या अन्य मादक पदार्थ बरामद करेगी, तो उसकी प्रारंभिक जांच घटनास्थल पर ही की जा सकेगी।
कुछ ही मिनटों में चलेगा किस तरह का है ड्रग्स
Indore Police: नई डिटेक्शन किट की मदद से पुलिस यह पता लगा सकेगी कि बरामद पदार्थ किस श्रेणी का नारकोटिक ड्रग है और उसमें कौन-कौन से रासायनिक तत्व मौजूद हैं। इसके अलावा सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करने में उपयोग किए जाने वाले प्रीकर्सर केमिकल्स की भी प्राथमिक पहचान अब मौके पर ही संभव होगी।इससे जांच अधिकारियों को शुरुआती स्तर पर ही महत्वपूर्ण सुराग मिल जाएंगे, जिससे आगे की कार्रवाई अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगी।
अब नहीं करना पड़ेगा लैब रिपोर्ट का लंबा इंतजार
Indore Police: अब तक किसी भी संदिग्ध मादक पदार्थ की पुष्टि के लिए पुलिस को उसका सैंपल फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजना पड़ता था। लैब रिपोर्ट आने में कई दिन, और कई मामलों में कई सप्ताह तक का समय लग जाता था।
नई ड्रग्स डिटेक्शन किट मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर ही प्रारंभिक परीक्षण कर सकेगी। इससे जांच की दिशा तय करने, आरोपियों से पूछताछ करने और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करने में काफी तेजी आएगी। हालांकि अंतिम कानूनी पुष्टि के लिए फॉरेंसिक लैब की प्रक्रिया यथावत जारी रहेगी।
नशे के नेटवर्क पर लगेगा और मजबूत शिकंजा
Indore Police: इंदौर पुलिस का कहना है कि यह तकनीक न केवल ड्रग्स की पहचान को आसान बनाएगी, बल्कि नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में भी अहम भूमिका निभाएगी। प्रारंभिक जांच के दौरान ही पुलिस को यह अंदाजा लग जाएगा कि बरामद पदार्थ किस प्रकार का है और उसका स्रोत किस दिशा में हो सकता है।
अधिकारियों का मानना है कि इससे एनडीपीएस एक्ट के मामलों की जांच अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, वहीं नशे के अवैध कारोबार में शामिल गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई भी और तेज होगी।
प्रदेश में पहली बार थाना स्तर पर हाईटेक सुविधा
Indore Police: इंदौर पुलिस की यह पहल मध्य प्रदेश में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है। थाना स्तर तक आधुनिक ड्रग्स डिटेक्शन किट उपलब्ध होने से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी और नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को नई मजबूती मिलेगी। पुलिस का लक्ष्य है कि तकनीक के बेहतर उपयोग से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई कर शहर को नशा मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जाए।

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