Indore Civic News: इंदौर। इंदौर नगर निगम में वेतन भुगतान को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। आईटी सिस्टम की तकनीकी खामी का फायदा उठाकर दो कर्मचारियों ने पांच मस्टर कर्मचारियों के वेतन को उनके वास्तविक बैंक खातों में भेजने के बजाय अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। मामले का खुलासा होने के बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।नगर निगम प्रशासन अब यह भी पता लगा रहा है कि इस वित्तीय अनियमितता में केवल दो कर्मचारी शामिल थे या फिर इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क भी सक्रिय था।
मस्टर कर्मचारियों की शिकायत से खुला मामला
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब नगर निगम के कई मस्टर कर्मचारियों ने शिकायत की कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी उनके बैंक खातों में वेतन जमा नहीं हुआ।लगातार शिकायतें मिलने पर नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए।
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जांच समिति गठित कर शुरू हुई पड़ताल
Indore Civic News: निगमायुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई। समिति को वेतन भुगतान प्रक्रिया, बैंक ट्रांजैक्शन और आईटी सिस्टम की कार्यप्रणाली की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए।जांच के दौरान वेतन भुगतान से जुड़ी सभी तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाओं की बारीकी से जांच की गई।
NEFT प्रक्रिया की तकनीकी खामी का उठाया फायदा
जांच में सामने आया कि आईटी विभाग से जुड़े कर्मचारी अमन साल्वी और आउटसोर्स कर्मचारी अनुज पंवार ने NEFT फाइल फेल होने की तकनीकी स्थिति का गलत फायदा उठाया।आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने भुगतान प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर पांच मस्टर कर्मचारियों का वेतन उनके वास्तविक खातों में भेजने के बजाय दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। इस हेराफेरी के जरिए लाखों रुपये के भुगतान में गड़बड़ी की गई।
जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि
Indore Civic News: जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में वेतन भुगतान प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता की पुष्टि की। रिपोर्ट मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन ने बिना देरी किए दोनों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं तत्काल समाप्त कर दीं।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन और कर्मचारियों के वेतन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
नगर निगम अब इस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस वित्तीय अनियमितता में अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी शामिल थे।इसके अलावा जिन बैंक खातों में वेतन की राशि ट्रांसफर की गई, उनकी भी जांच की जा रही है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो सके।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
Indore Civic News: नगर निगम प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना के बाद नगर निगम ने वेतन भुगतान प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की वित्तीय अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।







