MP में अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत, 90% ई-अटेंडेंस की शर्त खत्म, कर पाएंगे री-जॉइन, जानिए नया आदेश

Rahul Goshwami

MP Guest Teachers Rejoining: अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों को राहत देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए री-जॉइनिंग में 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता हटा दी है। इस फैसले के बाद ऐसे शिक्षक भी दोबारा सेवा में शामिल हो सकेंगे, जो किसी कारण से तय उपस्थिति पूरी नहीं कर पाए थे।

अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने नया आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार सभी पात्र अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई तक अपनी ज्वाइनिंग पूरी करनी होगी। इस फैसले से लंबे समय से राहत की मांग कर रहे हजारों शिक्षकों को फायदा मिलेगा।

ई-अटेंडेंस की शर्त में मिली छूट
अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग के लिए पहले 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य थी। अब इस शैक्षणिक सत्र के लिए इस नियम में छूट दी गई है। हालांकि री-जॉइनिंग के समय शिक्षकों को एक शपथ-पत्र देना होगा, जिसमें वे भविष्य में ई-अटेंडेंस के नियमों का पालन करने की सहमति देंगे।
Read more: MP में बड़ा प्रशासनिक धमाका! 20 IAS अफसरों के तबादले, 6 जिलों को मिले नए कलेक्टर

स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से मिले आवेदन और उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों का सम्मान बनाए रखना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
MP Guest Teacherहजारों शिक्षकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग की राह आसान हो गई है। कई ऐसे शिक्षक थे जो तकनीकी या अन्य कारणों से निर्धारित ई-अटेंडेंस पूरी नहीं कर पाए थे। अब वे भी दोबारा अपने स्कूलों में सेवा देने के पात्र होंगे।

सरकार ने बदली प्रक्रिया
पहले इस तरह के मामलों में फैसला तीन सदस्यीय समिति के स्तर पर होना था, लेकिन अब स्कूल शिक्षा विभाग ने सीधे नियमों में राहत देने का निर्णय लिया है। अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग को सरल बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

27 जुलाई तक करना होगा ज्वाइन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी करनी होगी। सभी पात्र शिक्षकों को 27 जुलाई तक संबंधित स्कूल या कार्यालय में पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की कोशिश
सरकार का कहना है कि अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। साथ ही भविष्य में ई-अटेंडेंस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के लिए शपथ-पत्र की व्यवस्था भी लागू रहेगी। इस फैसले को प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *