Mega Signature Campaign: रायपुर। छत्तीसगढ़ की पावन धरा और राजधानी रायपुर में इन दिनों सनातन संस्कृति के मूल आधार, गौवंश के संरक्षण और संवर्धन को लेकर एक अभूतपूर्व वैचारिक और आध्यात्मिक जन-आंदोलन गति पकड़ रहा है। गौर कृपा धाम के पीठाधीश्वर पूज्य गौर दास महाराज के पावन सानिध्य और दूरदर्शी नेतृत्व में चलाए जा रहे “गौ सम्मान आह्वान अभियान” को अब राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है।
रायपुर प्रवास पर आए देश के सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कथावाचक और प्रखर सनातनी संत पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने इस अभियान को अपना पूर्ण और खुला समर्थन प्रदान किया है। उन्होंने न केवल इस मुहिम की सराहना की, बल्कि स्वयं इसके आधिकारिक संकल्प पत्रक पर हस्ताक्षर कर देश के करोड़ों सनातनियों को इस राष्ट्रव्यापी यज्ञ का हिस्सा बनने का पावन संदेश दिया है।
मुख्य मांग: गौमाता को घोषित किया जाए ‘राष्ट्रमाता’
इस पूरे आंदोलन की धुरी गाय को देश में ‘राष्ट्रमाता’ का सर्वोच्च गौरव और विधिक दर्जा दिलाने पर टिकी हुई है। पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज लंबे समय से देश के विभिन्न आध्यात्मिक मंचों से लगातार यह मांग उठा रहे हैं कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए, ताकि भारत की सनातन संस्कृति का मूल गौरव और सम्मान सुरक्षित रह सके।
इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आगामी 27 जुलाई 2026 को संपूर्ण छत्तीसगढ़ में जिला और ब्लॉक स्तर पर एक भव्य व ऐतिहासिक ‘हस्ताक्षर अभियान’ (Signature Campaign) आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से लाखों सजग नागरिकों के हस्ताक्षर जुटाकर केंद्र व राज्य सरकारों को एक वृहद प्रार्थना पत्र सौंपा जाएगा।
कथाओं और आध्यात्मिक मंचों से गूंजेगी ‘गौ सम्मान’ की आवाज
सामने आए आधिकारिक वीडियो और विवरण के अनुसार, संत देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने यह संकल्प दोहराया है कि वे देश-विदेश में होने वाली अपनी समस्त आगामी कथाओं और विशाल आध्यात्मिक मंचों के माध्यम से “गौ सम्मान आह्वान अभियान” की आवाज को जन-जन तक पहुंचाएंगे। उनका स्पष्ट मानना है कि गौमाता की रक्षा, सेवा और सम्मान केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति विशेष का एजेंडा नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण भारतवर्ष, राष्ट्रहित और हर सनातनी का परम और अनिवार्य कर्तव्य है।
“एक हिन्दू एक सीट” और “8 करोड़ गोवंश की रक्षा” का महासंकल्प
अभियान के मुख्य समन्वयकों और गौर दास जी महाराज के अनुसार, सोशल मीडिया और विभिन्न धार्मिक परिषदों में “एक हिन्दू एक सीट” के वैचारिक संदेश के साथ समाज के हर वर्ग को जागरूक किया जा रहा है। संतों का दृढ़ विश्वास है कि सजग नागरिकों के ये हस्ताक्षर देश के नीति-निर्धारकों और नीति-निर्माताओं तक गौवंश की पीड़ा और समाज की आकांक्षाओं को मजबूती से पहुंचाएंगे। 27 जुलाई को किया जाने वाला नागरिकों का एक-एक हस्ताक्षर देश के लगभग 8 करोड़ बेसहारा, लाचार और उपेक्षित गोवंश की रक्षा करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
चंदे और दान से पूरी तरह मुक्त है यह पावन यज्ञ:
इस जन-आंदोलन की सबसे पवित्र और प्रामाणिक विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से नि:स्वार्थ और निष्काम भाव से प्रेरित है। गौर कृपा धाम प्रबंधन और इससे जुड़े अखिल भारतीय साधु-संतों ने संयुक्त रूप से यह घोषणा की है कि इस अभियान के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था से एक भी रुपये का दान, चंदा या कोई अन्य आर्थिक सहयोग नहीं लिया जाता है। यह आंदोलन पूरी तरह से नागरिकों की वैचारिक चेतना, सक्रिय जन-भागीदारी और नैतिक समर्थन के बल पर संचालित है।
पूज्य गौर दास महाराज का समाज के नाम संदेश व भावुक अपील
“यह किसी राजनीतिक लाभ या व्यावसायिक मंशा से उपजा हुआ कृत्रिम आंदोलन नहीं है, बल्कि यह हमारे पूज्य साधु-संतों के हृदय की गहरी वेदना, छटपटाहट और संकल्प से प्रस्फुटित हुआ एक पावन ईश्वरीय यज्ञ है। मेरी सभी देशवासियों से सहृदय अपील है कि ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ में अपनी जाति, वर्ग, राजनीतिक दल और पंथ की संकीर्णताओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और धर्महित में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। 27 जुलाई को होने वाले इस राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान में स्वयं भी शामिल हों और दूसरों को भी प्रेरित कर गौमाता के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें।”







