Wednesday, September 2, 2026
Home Chhattisgarh Fraud in Name of Insurance: नारायणपुर में रिश्वतखोर पुलिस इंस्पेक्टर गिरफ्तार; वकील...

Fraud in Name of Insurance: नारायणपुर में रिश्वतखोर पुलिस इंस्पेक्टर गिरफ्तार; वकील भी बना सह-आरोपी

Fraud in Name of Insurance: नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से खाकी को दागदार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला पुलिस प्रशासन ने अपने ही विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में बेहद सख्त कदम उठाया है। कोतवाली पुलिस ने सैलरी पैकेज इंश्योरेंस का क्लेम दिलाने के एवज में पीड़ित से अनुचित कमीशन की मांग करने और धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप में निरीक्षक (Inspector) सुरेश चंद यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी इंस्पेक्टर को स्थानीय सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है।

इंश्योरेंस क्लेम के नाम पर धोखाधड़ी का खेल

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला पुलिस विभाग के कर्मचारियों या पीड़ितों को मिलने वाले सैलरी पैकेज इंश्योरेंस क्लेम (Salary Package Insurance Claim) से जुड़ा हुआ है। पीड़ित ने वरिष्ठ अधिकारियों से लिखित शिकायत कर आरोप लगाया था कि निरीक्षक सुरेश चंद यादव द्वारा उनका वैध इंश्योरेंस क्लेम पास कराने और राशि दिलाने के नाम पर लगातार चक्कर कटवाए जा रहे थे।

आरोप है कि इसके बदले में इंस्पेक्टर द्वारा एक मोटी रकम अनुचित कमीशन (रिश्वत) के रूप में मांगी जा रही थी और पीड़ित के साथ धोखाधड़ी की नीयत से दबाव बनाया जा रहा था।

नारायणपुर भ्रष्टाचार मामला: मुख्य आरोपी और कार्रवाई की स्थिति

विवरण का बिंदु मामले से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी
गिरफ्तार मुख्य आरोपी निरीक्षक (Inspector) सुरेश चंद यादव
सह-आरोपी का विवरण मामले में संलिप्त एक स्थानीय अधिवक्ता (वकील)
कार्रवाई करने वाला थाना कोतवाली थाना, जिला नारायणपुर
मामले की पुष्टिकर्ता पुलिस अधीक्षक (SP) श्री संदीप पटेल
वर्तमान विधिक स्थिति न्यायालय द्वारा जमानत खारिज, न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल

अधिवक्ता भी बना सह-आरोपी, धाराओं के तहत FIR दर्ज

कोतवाली पुलिस ने पीड़ित के बयानों और प्राथमिक जांच में मिले तकनीकी व दस्तावेजी सबूतों के आधार पर मामले को अत्यंत गंभीर माना। इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में केवल पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि कानूनी दांव-पेंच का सहारा लेकर पीड़ित को डराने के लिए एक स्थानीय अधिवक्ता (वकील) को भी शामिल पाया गया है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में संलिप्त उक्त अधिवक्ता को भी सह-आरोपी (Co-accused) बनाया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक (SP) का कड़ा रुख:

मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए नारायणपुर एसपी श्री संदीप पटेल ने दो टूक शब्दों में कहा— “विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग या आम नागरिकों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलते ही निष्पक्ष जांच कराई गई और आरोपी निरीक्षक के खिलाफ त्वरित वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया है। इस मामले में सह-आरोपी अधिवक्ता और अन्य कड़ियों की तफ्तीश जारी है। पुलिस विभाग आम जनता की सेवा के लिए है और पारदर्शिता हमारी पहली प्राथमिकता है।”

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here