Mission Mode Repair: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां के ग्राम कोटमीसोनार स्थित कर्रा नाला जलाशय के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और सुरक्षा का काम प्रशासन द्वारा ‘युद्धस्तर’ पर किया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक (SP) श्री विजय कुमार पांडेय ने आज पुनः प्रभावित स्थल का दौरा कर चल रहे राहत कार्यों की सघन समीक्षा की।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभाग आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर चौबीसों घंटे काम करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्तलता आनंद मिरी और एसडीएम अकलतरा सुमित बघेल सहित जल संसाधन विभाग के आला अभियंता भी मौके पर तैनात रहे।
जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीमें डटीं
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जलाशय के क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थिति का बारीकी से तकनीकी मुआयना किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) के अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिए कि वे खुद अपनी देखरेख में मरम्मत कार्य की गति को और तेज करें।
इलाके की भौगोलिक स्थिति और मौसम के मिजाज को देखते हुए तकनीकी टीमों को हर पल जलाशय के जलस्तर और रिसाव पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।
कर्रा नाला जलाशय संकट: प्रशासनिक मुस्तैदी और विभागीय जिम्मेदारियां
| जिम्मेदार विभाग | सौंपी गई मुख्य जिम्मेदारी और एक्शन | वर्तमान स्थिति / निर्देश |
| जल संसाधन विभाग | जलाशय के क्षतिग्रस्त हिस्से की तकनीकी मरम्मत और स्टैकिंग। | तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियर मौके पर 24 घंटे तैनात। |
| विद्युत विभाग | बिना रुकावट काम के लिए निर्बाध बिजली और बैकअप देना। | संवेदनशील और आवश्यक प्वाइंट्स पर जनरेटर लगाने के निर्देश। |
| स्वास्थ्य विभाग | राहत शिविरों में बीमारियों की रोकथाम और इलाज। | मेडिकल टीमों की सतत तैनाती, आवश्यक दवाओं का स्टॉक उपलब्ध। |
| राजस्व व पुलिस प्रशासन | कोटमीसोनार राहत शिविर का संचालन और सुरक्षा व्यवस्था। | प्रभावितों को भोजन, शुद्ध पेयजल और सुरक्षा सुचारू रूप से जारी। |
बिजली विभाग को जनरेटर और स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम तैनात करने के निर्देश
मरम्मत कार्य रात के अंधेरे में भी बिना किसी बाधा के लगातार चलता रहे, इसके लिए कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को विशेष हिदायत दी है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यस्थल के आस-पास पर्याप्त रोशनी और आपातकालीन स्थिति के लिए हाई-पावर जनरेटर की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही, प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कोटमीसोनार और आस-पास के प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने, संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी दवाइयां बांटने और एम्बुलेंस सहित मेडिकल टीमों को चौबीसों घंटे तैनात रखने के आदेश दिए गए हैं।
कलेक्टर-एसपी पहुंचे राहत शिविर, प्रभावितों से की सीधी बात
जलाशय के डाउनस्ट्रीम (निचले इलाकों) से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए गए ग्रामीणों से मिलने कलेक्टर और एसपी खुद कोटमीसोनार में बनाए गए राहत शिविर पहुंचे। अफसरों ने वहां ठहरे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से सीधे बातचीत की और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे का कड़ा निर्देश:
“राहत शिविरों में ठहरे हमारे नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। शुद्ध पेयजल, गुणवत्तापूर्ण भोजन, बिस्तरों की पर्याप्त व्यवस्था और बच्चों के लिए दूध व दवाओं की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूरा जिला प्रशासन संकट की इस घड़ी में जनता के साथ खड़ा है।”







