Durg School Drug Scare: दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली घटना सामने आई है। शहर के पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को उस समय चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब कक्षा के ही 8 छात्र कथित रूप से कोई नशीली दवा खाने के बाद अचानक बेहोश हो गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन के हाथ-पैर फूल गए। सभी प्रभावित बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका आपातकालीन इलाज कर रही है।
सहपाठी ने ही बांटी थी नशे की गोलियां
प्राथमिक जांच और स्कूल के अन्य बच्चों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कोई बाहरी साजिश नहीं बल्कि स्कूल के भीतर की ही लापरवाही का नतीजा है। बताया जा रहा है कि इन बच्चों के साथ ही पढ़ने वाले एक अन्य छात्र ने जेब से निकालकर इन्हें कोई संदिग्ध नशे की दवा खाने के लिए दी थी। दोस्तों के कहने पर बच्चों ने वह दवा खा तो ली, लेकिन कुछ ही देर बाद उनके सिर में तेज दर्द होने लगा, उल्टी जैसी स्थिति बनी और देखते ही देखते 8 बच्चे क्लासरूम और परिसर में बेहोश होकर गिर पड़े।
घटना के तुरंत बाद स्कूल के शिक्षकों और प्राचार्यों ने तत्परता दिखाते हुए एम्बुलेंस और निजी वाहनों के जरिए बच्चों को अस्पताल पहुंचाया और उनके परिजनों को सूचित किया।
छात्र नैतिक रामटेक की हालत गंभीर
अस्पताल से मिल रही चिकित्सा रिपोर्ट के अनुसार, कुल आठ प्रभावित बच्चों में से एक छात्र नैतिक रामटेक की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। दवा का टॉक्सिक असर ज्यादा होने के कारण उसे तत्काल आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। अन्य सात छात्रों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें भी पूरी तरह डॉक्टरों की ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
आक्रोशित परिजनों ने किया कोतवाली थाने का घेराव, कड़ी कार्रवाई की मांग
इस बेहद संवेदनशील घटना की खबर मिलते ही बच्चों के माता-पिता और वार्ड के नागरिक बड़ी संख्या में अस्पताल और फिर वहां से कोतवाली थाना पहुंचे। परिजनों में स्कूल सुरक्षा और बच्चों तक नशीली दवाएं पहुंचने को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत करते हुए उस छात्र और उसके पीछे काम करने वाले ड्रग पैडलर्स के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसने बच्चों को यह दवा लाकर दी थी।
जांच की दिशा पर क्या बोली पुलिस:
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम अब स्कूल प्रबंधन और दवा बांटने वाले छात्र से पूछताछ कर रही है। पुलिस के सामने मुख्य रूप से तीन बड़े सवाल हैं— बच्चों को दी गई वह दवा कौन सी थी (क्या वह कोई प्रतिबंधित कफ सिरप, अवसाद रोधी दवा या कोडीन युक्त गोली थी), वह दवा नाबालिग छात्र के पास कहां से और किस मेडिकल स्टोर से आई, और क्या स्कूल के बच्चों को जानबूझकर नशे की लत में धकेलने वाला कोई बड़ा गिरोह शहर में सक्रिय है?
स्कूल सुरक्षा और बच्चों की निगरानी पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शासकीय स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, उनके बस्ते की चेकिंग और काउंसलिंग की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नाबालिग बच्चों तक इस तरह की नशीली या प्रिस्क्रिप्शन ड्रग्स (Prescription Drugs) का पहुंचना समाज और पुलिस प्रशासन दोनों के लिए खतरे की घंटी है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि स्कूल के आस-पास संचालित होने वाले संदिग्ध ठेलों और मेडिकल स्टोर्स पर भी पुलिस और औषधि प्रशासन को कड़ी नजर रखनी चाहिए, ताकि भविष्य में मासूम बच्चों के जीवन के साथ ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो सके।







