Tuesday, September 1, 2026
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Sarguja PDS Rice Scam: सरगुजा में सरकारी चावल की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन; अरुण ट्रेडर्स पर प्रशासन का छापा

Sarguja PDS Rice Scam: सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गरीबों को बांटे जाने वाले शासकीय राशन की हेराफेरी और कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। उचित मूल्य की दुकानों (Ration Shops) के माध्यम से वितरित होने वाले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के चावल को अवैध रूप से बाजार में खपाने की गुप्त सूचना पर जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने तगड़ी दबिश दी है। टीम ने ‘अरुण ट्रेडर्स’ नामक व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर छापा मारकर परिसर में खड़े एक संदिग्ध ट्रक से भारी मात्रा में सरकारी खाद्यान्न बरामद किया है।

टीम को देखते ही गोदाम बंद कर भागा संचालक

प्राप्त विवरण के अनुसार, संयुक्त टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि अरुण ट्रेडर्स के परिसर में सरकारी राशन को डंप कर उसकी री-पैकेजिंग या हेराफेरी की जा रही है। इस इनपुट पर जब प्रशासनिक अमला अचानक मौके पर पहुंचा, तो वहां हड़कंप मच गया। अधिकारियों की गाड़ियों को देखते ही अरुण ट्रेडर्स का मुख्य संचालक आनन-फानन में मुख्य गोदाम के दरवाजों पर ताला जड़कर मौके से भाग खड़ा हुआ।

संदेह गहराने पर जब टीम ने वहां खड़े एक बड़े ट्रक की तलाशी ली, तो उसके भीतर से कुल 130 बोरी शासकीय पीडीएस चावल लदा हुआ पाया गया, जिसे बिना किसी वैध दस्तावेज के कहीं भेजने की तैयारी थी।

गोदाम के भीतर भी भारी स्टॉक होने की आशंका

छापेमार कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों को अंदेशा है कि फरार संचालक केवल ट्रक में मौजूद माल तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने सील किए गए मुख्य गोदाम के भीतर भी बहुत बड़ी मात्रा में अवैध रूप से जुटाया गया शासकीय पीडीएस चावल डंप करके रखा हुआ है।

प्रशासन ने तुरंत की सीलबंदी की कार्रवाई:

मामले की संवेदनशीलता और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना वक्त गंवाए अरुण ट्रेडर्स की मुख्य दुकान और उससे संबद्ध बड़े गोदाम दोनों को तत्काल प्रभाव से सील (Seal) कर दिया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बहुत जल्द पुलिस और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में इस सील बंद गोदाम को खोला जाएगा, जिसके बाद वहां मौजूद समूचे खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन और वजन किया जाएगा ताकि वास्तविक हेराफेरी का आंकड़ा सामने आ सके।

आदतन अपराधी है संचालक, जांच में जुटे अधिकारी

इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जब अरुण ट्रेडर्स का पुराना रिकॉर्ड खंगाला गया, तो एक और बड़ी बात सामने आई। जांच टीम के अनुसार, इस फर्म के संचालक के खिलाफ पूर्व में भी शासकीय राशन की हेराफेरी, अवैध भंडारण और PDS चावल की कालाबाजारी के गंभीर आरोपों में पुलिस थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज हो चुकी है। पुराना रिकॉर्ड दागी होने के कारण जिला प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

फिलहाल खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरे सिंडिकेट को बेनकाब करने में जुटा है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस सरकारी चावल को किन-किन शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से डायवर्ट कर यहां लाया गया था और इस रैकेट में कौन-से अन्य रसूखदार लोग या बिचौलिए शामिल हैं। मामले में आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

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