Unique Protest In Jabalpur: जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रशासनिक ढर्रे पर सवाल उठाते हुए एक बेहद ही अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। यहाँ ‘मध्यभारत मोर्चा’ के सदस्यों ने प्रदेश सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति की जमीनी हकीकत को उजागर करने के लिए लोकायुक्त कार्यालय के ठीक बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में ‘नोटों की हथकड़ी’ का एक प्रतीकात्मक रूप प्रदर्शित कर जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
₹60,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था अधिकारी
मध्यभारत मोर्चा के अध्यक्ष सौरभ यादव ने मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में नागरिक आपूर्ति निगम के एक तत्कालीन अधिकारी संजय सिंह को लोकायुक्त की टीम ने ही ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा था। इस कार्रवाई के बाद उम्मीद थी कि आरोपी अधिकारी पर सख्त कानूनी शिकंजा कसेगा, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट रही। घटना के लगभग 4 साल बीत जाने के बाद भी लोकायुक्त पुलिस न्यायालय के समक्ष आरोपी अधिकारी के खिलाफ चालान (chargesheet) पेश करने में पूरी तरह नाकाम रही है।
सस्पेंशन के बजाय मिला ‘जिला प्रबंधक’ का बड़ा पद
मोर्चा के अध्यक्ष सौरभ यादव ने प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के इतने गंभीर और पुख्ता आरोपों के बावजूद संबंधित अधिकारी संजय सिंह पर कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। नियमानुसार जहां अधिकारी को तत्काल निलंबित (Suspend) किया जाना चाहिए था, वहीं उसे उपकृत करते हुए ‘जिला प्रबंधक’ (District Manager) जैसे बेहद रसूखदार और बड़े पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
लोकायुक्त कार्यालय परिसर में चस्पा की ‘नोटों की हथकड़ी’:
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक संरक्षण का विरोध किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने महानिदेशक (DG) लोकायुक्त के नाम एक औपचारिक ज्ञापन वहां मौजूद अधिकारियों को सौंपा। इस ज्ञापन में मांग की गई है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोर्ट में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द चालान पेश किया जाए और उनके पदस्थापना को निरस्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उचित कार्रवाई का मिला आश्वासन
इस पूरे हाई-वोल्टेज और प्रतीकात्मक प्रदर्शन के बाद लोकायुक्त कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर आकर मोर्चा के पदाधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने मामले से जुड़े विधिक पहलुओं की समीक्षा करने और इस केस में नियमानुसार उचित व त्वरित वैधानिक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों से पुख्ता आश्वासन मिलने के बाद ही मोर्चा के सदस्यों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन सांकेतिक विरोध के तौर पर उन्होंने ‘नोटों की बनाई हुई हथकड़ी’ को लोकायुक्त कार्यालय परिसर की दीवार पर चस्पा कर दिया, जो कि पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।







