Bail From Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट से क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल और अध्यक्ष डॉ. अजय यादव को मिली जमानत, साढ़े आठ महीने से जेल में थे बंद

VIKASH KHALKHO

Supreme Court Division Bench: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति और सामाजिक आंदोलनों से जुड़ी एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण कानूनी खबर देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) से आ रही है। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल और संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने दोनों ही बड़े नेताओं की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने के आदेश जारी कर दिए हैं। दोनों नेता पिछले करीब साढ़े आठ महीने से जेल की सलाखों के पीछे बंद थे, जिनकी रिहाई का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है।

भड़काऊ टिप्पणी और बलौदाबाजार मामले में हुई थी गिरफ्तारी

पूरा मामला सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर की गई कथित विवादित टिप्पणियों और उसके बाद उपजे विवाद से जुड़ा हुआ है। इस मसले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल को 5 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद, मामले में नया मोड़ तब आया जब 3 फरवरी को उन्हें बलौदाबाजार में हुई हिंसक घटना और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने के मामले में भी नामजद करते हुए दोबारा गिरफ्तार किया गया था। तब से लेकर आज तक दोनों नेता लगातार न्यायिक हिरासत में जेल में ही बंद हैं।

हाईकोर्ट से पहले ही मिल चुकी थी राहत, अब सुप्रीम कोर्ट की मुहर

कानूनी प्रक्रिया के तहत, करीब तीन महीने पहले ही मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए दोनों नेताओं को जमानत दे दी थी। हालांकि, मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया था और अंतिम राहत के लिए याचिका सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंची थी। अब सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच (Division Bench) ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आखिरकार दोनों नेताओं की नियमित जमानत पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।

सरकारी वकील की दलील: ‘अमित बघेल के खिलाफ दर्ज हैं 32 क्रिमिनल केस’

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच बेहद तीखी और लंबी बहस देखने को मिली। राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे पक्षकार और सरकारी वकील ने अमित बघेल की जमानत का पुरजोर विरोध किया। सरकारी वकील ने कोर्ट के सामने तर्क रखा कि अमित बघेल को किसी भी परिस्थिति में जमानत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि वे समाज के लिए खतरा साबित हो सकते हैं।

सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि अमित बघेल के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 32 आपराधिक मामले (Criminal Cases) दर्ज हैं। इसके साथ ही सरकार की ओर से यह गंभीर आरोप भी लगाया गया कि अमित बघेल ही बलौदाबाजार में हुए पूरे घटनाक्रम और बवाल के मुख्य सूत्रधार यानी ‘मास्टरमाइंड’ हैं।

सरकारी दलीलें दरकिनार, रिहाई की प्रक्रिया शुरू

राज्य सरकार और सरकारी वकील द्वारा प्रस्तुत की गई तमाम गंभीर दलीलों और दावों के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों के विधिक अधिकारों और हिरासत की लंबी अवधि (साढ़े आठ महीने) को आधार मानते हुए अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने अमित बघेल और डॉ. अजय यादव को सशर्त नियमित जमानत दे दी। सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक आदेश के बाद अब क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह है। अदालती आदेश की प्रति स्थानीय जेल प्रशासन को प्राप्त होते ही दोनों नेताओं की जेल से औपचारिक रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *