Pandhurna High Drama: पांढुर्णा/छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा शहर में शुक्रवार अल सुबह उस समय हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक शादीशुदा युवक अपनी पत्नी से हुए विवाद के बाद 290 फीट ऊंचे बीएसएनएल (BSNL) मोबाइल टावर पर चढ़ गया. घटना की भनक लगते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. करीब 4 घंटे तक चले कड़े रेस्क्यू और समझाइश के दौर के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया.
10 मई को हुई थी शादी, फिर शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पांढुर्णा के सावसपानी क्षेत्र के रहने वाले विजय तुमडाम की शादी इसी वर्ष 10 मई 2026 को अंजलि नाम की युवती से हुई थी. लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद से ही दोनों पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर लगातार आपसी अनबन और विवाद होने लगे थे. इस रोज-रोज के झगड़े के कारण विजय मानसिक रूप से काफी तनाव और परेशानी में रहने लगा था.
शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे, जब घर के बाकी सदस्य सो रहे थे, विजय बिना किसी को कुछ बताए घर से निकला और सीधे शहर के मुख्य BSNL टावर की ओर रुख किया. देखते ही देखते वह टावर की सबसे ऊपरी ऊंचाई पर जा पहुंचा. सुबह जब लोगों ने एक युवक को टावर पर चढ़ा देखा, तो वहां देखते ही देखते सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.
नीचे रोता रहा परिवार, पत्नी ने लिख कर दी ‘गारंटी’
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लाउडस्पीकर के माध्यम से युवक से बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे आने के लिए मनाने लगे. इसी बीच विजय के माता-पिता, बहनें और उसकी पत्नी भी मौके पर पहुंच गईं. पूरा परिवार नीचे रोते-बिलखते हुए विजय से बार-बार नीचे आने की भावुक अपील कर रहा था, लेकिन युवक अपनी जिद पर अड़ा रहा.
करीब 4 घंटे की लंबी खींचतान और प्रशासनिक समझाइश के बाद, आखिरकार विजय की पत्नी अंजलि ने उसके साथ ही रहने और भविष्य में विवाद न करने का एक ‘लिखित आश्वासन’ (बॉन्ड) दिया. पत्नी का यह लिखित पत्र जब प्रशासन के जरिए युवक तक की शर्तों के अनुसार पहुंचाया गया, तब जाकर विजय का गुस्सा शांत हुआ और वह धीरे-धीरे टावर से सुरक्षित नीचे उतर आया.
सुरक्षा पर उठे सवाल:
पांढुर्णा के इसी 290 फीट ऊंचे बीएसएनएल टावर पर महज 11 दिन पहले भी पश्चिम बंगाल के एक युवक ने चढ़कर करीब 48 घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा किया था और रेस्क्यू टीम पर हमला भी किया था। इतनी छोटी अवधि में टावर पर सुरक्षा चूक की यह दूसरी बड़ी घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टावर से नीचे आते ही पुलिस ने राहत की सांस ली और विजय को तुरंत अपनी कस्टडी में ले लिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद दोनों पक्षों को बैठाकर आगे की आवश्यक वैधानिक और काउंसलिंग की कार्रवाई की जा रही है.







