Mungeli PWD News: रायपुर /मुंगेली। छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग (PWD) में एक कर्मचारी की पदस्थापना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि सहायक ग्रेड-2 सत्यपुरी गोस्वामी का वर्ष 2022 में पहले बिलासपुर और फिर संशोधित आदेश के तहत लोरमी स्थानांतरण किया गया, लेकिन इसके बावजूद वे चार साल से मुंगेली में ही कार्यरत हैं।
Mungeli PWD News: रिकॉर्ड के अनुसार 21 सितंबर 2022 को जारी आदेश में सत्यपुरी गोस्वामी का तबादला कार्यपालन अभियंता कार्यालय, मुंगेली से मुख्य अभियंता कार्यालय, बिलासपुर किया गया था। उसके बाद सत्यपुरी गोस्वामी ने क्या सेटिंग जमाई और 30 सितंबर 2022 को शासन ने संशोधित आदेश जारी कर उनकी नई पदस्थापना लोक निर्माण विभाग उप संभाग, लोरमी कर दी।
आरोप है कि संशोधित आदेश के बाद भी उन्होंने लोरमी में कार्यभार ग्रहण नहीं किया और बिना किसी नए शासकीय आदेश के लगातार मुंगेली में ही काम करते रहे। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विभागीय संरक्षण और सांठगांठ के कारण यह संभव हो पाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इधर, 10 जुलाई 2026 को लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश बंसल ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए विभाग में बिना सक्षम अनुमति किसी भी अधिकारी-कर्मचारी के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) और अतिरिक्त प्रभार को तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि सभी कर्मचारियों को अपनी मूल पदस्थापना पर ही कार्य करना होगा।
Mungeli PWD News: ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शासन ने सभी अनधिकृत संलग्नीकरण समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है, तब भी सत्यपुरी गोस्वामी अब तक लोरमी में कार्यभार ग्रहण क्यों नहीं कर रहे हैं? यदि वे बिना वैध आदेश के मुंगेली में कार्यरत हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की?
Mungeli PWD News: यह मामला अब विभागीय व्यवस्था और ट्रांसफर नीति की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। देखना होगा कि सचिव के आदेश के बाद विभाग नियमों का पालन कराता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाता है। फिलहाल इस पूरे मामले में लोक निर्माण विभाग या संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







