MP Vidhan Sabha Monsoon Session: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र 2026 को लेकर शासन और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। सदन के भीतर विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों के सटीक और त्वरित जवाब मंत्रियों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति शुरू कर दी है। ये अधिकारी विधानसभा सत्र के दौरान और सत्र समाप्त होने के बाद भी मंत्रियों को अगले दिन दिए जाने वाले जवाबों के संबंध में तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
जल संसाधन विभाग ने विधानसभा में आश्वासन नोट करने और प्रमुख अभियंता को तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। इनमें शामिल हैं:
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राजेश कुमार तमोली (कार्यपालन यंत्री, कार्यालय कमिश्नर काडा)
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रामदयाल सोनकर (कार्यपालन यंत्री, प्रमुख अभियंता कार्यालय)
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पी.के. घोघरेकर (उपसंचालक, कार्यालय मुख्य अभियंता बोधी)
ये इंजीनियर स्तर के अधिकारी सत्र के दौरान सदन में मौजूद रहकर पूछे जाने वाले सवालों का रिकॉर्ड रखेंगे और मंत्रियों को आगामी कार्यदिवस के लिए तैयार करेंगे।
20 से 24 जुलाई तक चलेगा 5 दिवसीय सत्र
उल्लेखनीय है कि एमपी विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगा।
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20 से 23 जुलाई: प्रश्नोत्तर काल और शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे। इसी दौरान राज्य सरकार का पहला अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पास कराया जाएगा।
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24 जुलाई: प्रश्नोत्तर काल के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर अशासकीय संकल्पों पर चर्चा कराएंगे।
सरकार इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान समान नागरिक संहिता (UCC) समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन के पटल पर लाने की तैयारी में है।
विपक्ष घेरेगा, सरकार देगी जवाब
दूसरी ओर, विपक्ष ने भी मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है। भर्ती घोटाले, पेपर लीक, जमीनी विवाद, स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था और किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर सदन में हंगामे के आसार हैं।







