MP Revenue Department Tehsildar Promotion Order: इंदौर। मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देते हुए नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नत करने के स्थाई आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय के तहत प्रदेशभर में कुल 381 नायब तहसीलदारों को पदोन्नत कर तहसीलदार बनाया गया है। 12 जुलाई को जारी हुए आदेश के बाद पदोन्नत अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में कलेक्टर को अपनी औपचारिक जॉइनिंग देनी शुरू कर दी है।
इंदौर में लगभग सभी प्रभारियों को मिली पदोन्नति
बिचौली (इंदौर) के तहसीलदार अनिल पटेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए इस पदोन्नति की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इसी सिलसिले में सभी अधिकारी इंदौर कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर महोदय को अपनी जॉइनिंग देने आए थे।
तहसीलदार अनिल पटेल ने कहा: “प्रदेश स्तर पर कुल 381 अधिकारियों को पदोन्नति मिली है। यद्यपि इंदौर का सटीक आंकड़ा अभी प्रक्रियाधीन है, लेकिन इंदौर जिले में पदस्थ लगभग सभी नायब तहसीलदार, जो अब तक प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें स्थाई रूप से तहसीलदार पद पर पदोन्नत कर दिया गया है।”
कारण बताओ नोटिस और विभागीय जांच पर स्थिति स्पष्ट
पदोन्नति के साथ ही उन अधिकारियों का मुद्दा भी उठा, जिनके खिलाफ विभागीय जांच या कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) लंबित हैं। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए तहसीलदार अनिल पटेल ने बताया कि शासन के नियमानुसार ऐसे अधिकारियों के संबंध में ‘सीलबंद लिफाफा’ (Sealed Cover Procedure) प्रक्रिया अपनाई गई है।
जब संबंधित अधिकारियों की विभागीय जांच या नोटिस की कार्रवाई पूरी हो जाएगी, तब शासन नियमानुसार उनके संबंध में आगे का निर्णय लेगा।







