MP Election: भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी संगठन को बड़ा संदेश दिया है। राजधानी भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से गुटबाजी खत्म कर एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है और अब संगठन को मजबूत करने के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा।
कार्यक्रम में पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोनू सक्सेना सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान अजय सिंह राहुल भैया ने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करते हुए संगठन की वर्तमान स्थिति, आगामी चुनावी रणनीति और पार्टी के भविष्य को लेकर खुलकर अपने विचार रखे।
MP Election: उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता से बाहर हुए ढाई दशक से अधिक समय बीत चुका है। इतने लंबे समय तक विपक्ष में रहने के बावजूद कार्यकर्ताओं का मनोबल बना हुआ है, लेकिन अब केवल विरोध की राजनीति से काम नहीं चलेगा। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा और हर कार्यकर्ता को जनता के बीच जाकर कांग्रेस की विचारधारा तथा जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा।
अपने संबोधन में उन्होंने सबसे पहले गुटबाजी के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कोई खेमा नहीं होना चाहिए। पार्टी का हर कार्यकर्ता और नेता कांग्रेस का सिपाही है। यदि सभी लोग अलग-अलग समूह बनाकर काम करेंगे तो इसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा। इसलिए अब समय आ गया है कि सभी नेता एक मंच पर आएं और कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए एक दिशा में काम करें।
MP Election: अजय सिंह राहुल भैया ने कहा कि वे पिछले कुछ समय से लगातार पूरे प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। अब तक वे करीब 40 जिलों में जाकर हजारों कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर चुके हैं। इन दौरों के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनी हैं, संगठन की स्थिति को समझा है और आगामी चुनाव को लेकर सुझाव भी लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं में बदलाव की इच्छा दिखाई दे रही है और यदि संगठन पूरी ताकत से मैदान में उतरा तो कांग्रेस निश्चित रूप से मजबूत स्थिति में पहुंचेगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव के समय सबसे अधिक विवाद टिकट वितरण को लेकर होता है, लेकिन यह सोच बदलने की जरूरत है। “टिकट किसे मिलेगा, इसकी चिंता छोड़िए। चिंता इस बात की होनी चाहिए कि कांग्रेस का उम्मीदवार चुनाव जीते।” उन्होंने कहा कि पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाए, उसके समर्थन में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।
MP Election: उन्होंने कहा कि अक्सर टिकट घोषित होने के बाद कुछ लोग नाराज होकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं, जिससे संगठन को नुकसान होता है। ऐसी स्थिति से बचने की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि टिकट वितरण के बाद सभी मतभेद भुलाकर कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने के लिए एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरें।
अजय सिंह राहुल भैया ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन तभी संभव है, जब कांग्रेस पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ चुनाव लड़े। उन्होंने कहा कि भाजपा के मजबूत संगठन का मुकाबला केवल संगठित कांग्रेस ही कर सकती है। इसके लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना होगा और जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखना होगा।
MP Election: अपने संबोधन के दौरान उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण और भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि “2028 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए करो या मरो का चुनाव होगा। यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि पार्टी के भविष्य का चुनाव है। यदि इस बार भी कांग्रेस सफल नहीं होती है तो आगे संगठन के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इसलिए अब हर कार्यकर्ता को यह समझना होगा कि यह चुनाव व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का नहीं, बल्कि कांग्रेस के अस्तित्व और भविष्य का चुनाव है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसका समर्पित कार्यकर्ता है। यदि कार्यकर्ता पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ मैदान में उतरेंगे तो प्रदेश में बदलाव की राह आसान होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने, कांग्रेस की नीतियों और जनहित के मुद्दों को घर-घर तक पहुंचाने तथा बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
MP Election: कार्यक्रम के अंत में अजय सिंह राहुल भैया ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संकल्प लेने की अपील की कि वे आपसी मतभेद, गुटबाजी और व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी की सफलता संगठन की एकजुटता, कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास पर निर्भर करेगी। इसलिए अब हर कार्यकर्ता का एक ही लक्ष्य होना चाहिए—कांग्रेस को मजबूत करना, भाजपा को चुनौती देना और 2028 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना।







