Shajapur News: शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कथित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। जिले के कमालपुर गांव के एक गरीब दंपत्ति ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। दंपत्ति का कहना है कि उन्होंने मजबूरी में 10 हजार रुपये भी दे दिए, लेकिन शेष राशि नहीं देने पर उन्हें आवास योजना का लाभ देने से इनकार कर दिया गया। इतना ही नहीं, उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि अब उनका नाम सूची में ही नहीं है।
पीड़ित दंपत्ति का आरोप है कि उनका नाम पहले प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल बताया गया था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रहे एक व्यक्ति, जिसे उन्होंने “मंत्री” बताया, ने आवास की स्वीकृति दिलाने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की। गरीब परिवार ने किसी तरह व्यवस्था कर 10 हजार रुपये दे दिए, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण बाकी 10 हजार रुपये नहीं दे सका।
Shajapur News: दंपत्ति का कहना है कि जब उन्होंने शेष राशि देने में असमर्थता जताई, तो संबंधित व्यक्ति ने साफ शब्दों में कह दिया कि अब उन्हें आवास नहीं मिलेगा क्योंकि सूची में उनका नाम ही नहीं है। इस घटनाक्रम के बाद परिवार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और न्याय की गुहार लगा रहा है।
पीड़ितों ने बताया कि मामले की शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी दर्ज कराई है। शिकायत दर्ज हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद अभी तक न तो कोई जांच हुई है और न ही उन्हें किसी प्रकार की राहत मिली है। उनका कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से उनका भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है।
Shajapur News:इस घटना के सामने आने के बाद कमालपुर गांव में भी नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है तो यह बेहद गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गरीबों के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है, लेकिन यदि बीच में बैठे कुछ लोग रिश्वत लेकर योजनाओं का लाभ दिलाने का दावा करते हैं तो इसका नुकसान सीधे जरूरतमंद लोगों को उठाना पड़ता है। ऐसे मामलों से सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
Shajapur News: पीड़ित दंपत्ति ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, रिश्वत लेने के आरोपों की सच्चाई सामने लाई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दिलाया जाए ताकि उनका पक्का घर बनाने का सपना पूरा हो सके।
फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों या आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। वहीं, अब लोगों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि गरीब दंपत्ति को न्याय कब तक मिल पाता है।







