Tikamgarh Collector: जमील खान \टीकमगढ़। जिले में सरकारी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए लगातार औचक निरीक्षण कर रहे टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने शुक्रवार को मिनोरा फार्म का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान फार्म में भेड़ एवं बकरी पालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई, जिसे देखकर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। निरीक्षण में पशुओं के रखरखाव, चारा-दाना, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड संधारण में गंभीर लापरवाही सामने आने पर उन्होंने तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सबसे पहले फार्म में रखी भेड़ों और बकरियों की स्थिति का जायजा लिया। जांच में सामने आया कि पिछले आठ दिनों से बकरियों को दाना उपलब्ध नहीं कराया गया था। फार्म प्रबंधन द्वारा दाने की सप्लाई नहीं आने का कारण बताया गया, लेकिन कलेक्टर ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पशुओं के भोजन जैसी मूलभूत व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
Tikamgarh Collector:कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने अधिकारियों से पूछा कि जब दाने की कमी थी तो इसकी जानकारी समय रहते वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई और वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी संस्थानों में पशुओं की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने फार्म में तैनात कर्मचारियों की संख्या, उनकी जिम्मेदारियों और उपलब्ध संसाधनों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न अभिलेखों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, जिसमें कई कमियां सामने आईं। इसके बाद उन्होंने मौके पर ही पंचनामा तैयार कराने और संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
Tikamgarh Collector: निरीक्षण के दौरान एक और गंभीर अनियमितता सामने आई। कलेक्टर ने जब कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर देखा तो पाया कि एक कर्मचारी के हस्ताक्षर वास्तविक तिथि से एक दिन आगे की तारीख में दर्ज किए गए थे। रिकॉर्ड में इस प्रकार की गड़बड़ी को उन्होंने गंभीर मामला मानते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फार्म की सभी व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया जाए और जहां भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारा, दाना, पानी और स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
Tikamgarh Collector: निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने कहा कि जिले में किसी भी सरकारी विभाग, संस्था या परियोजना में लापरवाही और अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता के संसाधनों और सरकारी व्यवस्थाओं के संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के अचानक निरीक्षण से मिनोरा फार्म के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई। निरीक्षण के बाद प्रशासन ने फार्म की व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
Tikamgarh Collector: कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के इस औचक निरीक्षण को जिले में सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न विभागों और संस्थानों का इसी तरह औचक निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं का लाभ बिना किसी लापरवाही के आम लोगों तक पहुंच सके।







