Bhopal Open Drainage Chamber: भोपाल खुले ड्रेनेज चैंबर का मामला राजधानी में चर्चा का विषय बन गया है। श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र की मुख्य सड़क पर ड्रेनेज का चैंबर टूटा हुआ था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे पुलिस सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र बैस की नजर इस पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए एक बड़ा पत्थर लाकर चैंबर के ऊपर रख दिया, ताकि लोग सतर्क हो सकें और कोई दुर्घटना न हो।
भोपाल खुले ड्रेनेज चैंबर ने एक बार फिर शहर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चैंबर शहर की मुख्य सड़क पर होने के बावजूद लंबे समय तक खुला पड़ा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस ओर नगर निगम का ध्यान नहीं गया, जबकि यहां से हर दिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं।
SI धर्मेंद्र बैस ने दिखाई संवेदनशीलता
भोपाल खुले ड्रेनेज चैंबर को देखकर श्यामला हिल्स थाने में पदस्थ SI धर्मेंद्र बैस ने तत्काल कदम उठाया। उन्होंने पास से एक बड़ा पत्थर उठाकर चैंबर पर रख दिया, जिससे राहगीरों को खतरे का संकेत मिल सके। उनका यह प्रयास लोगों की सुरक्षा के लिए किया गया एक अस्थायी उपाय था।
पॉलीटेक्निक से कमला पार्क मार्ग पर था खतरा
भोपाल खुले ड्रेनेज चैंबर पॉलीटेक्निक चौराहे से कमला पार्क की ओर जाने वाले मार्ग पर ड्रेनेज लाइन के पास बना हुआ था। रविवार, 5 जुलाई को यह गड्ढा और ज्यादा खतरनाक नजर आया। बारिश के मौसम में सड़क पर पानी भरने के कारण ऐसे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
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बारिश में बढ़ जाता है जोखिम
भोपाल खुले ड्रेनेज चैंबर जैसी स्थिति बारिश के दौरान सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होती है। जलभराव होने पर सड़क और गड्ढे का अंतर समझना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पैदल चलने वाले, दोपहिया वाहन चालक और बुजुर्ग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।
शहर में ऐसे कई खुले गड्ढे
भोपाल खुले ड्रेनेज चैंबर का यह मामला अकेला नहीं है। शहर के कई हिस्सों में खुले मैनहोल और टूटे हुए चैंबर लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय नागरिक लंबे समय से इनकी मरम्मत की मांग करते रहे हैं, लेकिन कई स्थानों पर अब भी स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
मुंबई की घटना ने बढ़ाई चिंता
भोपाल खुले ड्रेनेज चैंबर की चर्चा के बीच मुंबई की हालिया घटना भी लोगों को याद आ रही है। 2 जुलाई 2026 को साकीनाका के खैरानी रोड पर खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम इशाक शेख की मौत हो गई थी। बताया गया था कि रखरखाव कार्य के दौरान मैनहोल खुला छोड़ दिया गया था। इस घटना के बाद खुले ड्रेनेज और मैनहोल की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
स्थायी समाधान की जरूरत
भोपाल खुले ड्रेनेज चैंबर का मामला यह बताता है कि अस्थायी उपायों के साथ-साथ संबंधित विभागों को समय पर मरम्मत और निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे खुले चैंबर किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, इसलिए जल्द स्थायी कार्रवाई जरूरी है।







