Raisen Tree Felling: रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के गढ़ी वन परिक्षेत्र की मुड़ियाखेड़ा बीट (आरएफ-30) में सागौन के करीब 30 बेशकीमती पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जंगल की सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित वनपाल अनुराग रघुवंशी और वनरक्षक सूरज विश्वकर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि 29 जून की रात अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करों का एक गिरोह भारी वाहनों और अन्य गाड़ियों के साथ मुड़ियाखेड़ा बीट पहुंचा। आरोप है कि गिरोह ने मशीन कटर और आरी की मदद से करीब 30 सागौन के पेड़ काट दिए और लकड़ी को जंगल से बाहर ले जाने की तैयारी कर ली। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार राजस्थान से जुड़े होने की बात सामने आई है।
Raisen Tree Felling: घटना की जानकारी मिलते ही सामान्य वन मंडल अधिकारी प्रतिभा शुक्ला के निर्देशन में विभिन्न वन परिक्षेत्रों की संयुक्त टीम गठित की गई। वन विभाग ने मौके पर कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक कार जब्त की। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
विभागीय जांच में सामने आई सुरक्षा में चूक
Raisen Tree Felling: वन विभाग की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि जिस बीट में घटना हुई, वहां तैनात वन अमले द्वारा जंगल की सुरक्षा और निगरानी में अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती गई। इसी आधार पर संबंधित वनपाल और वनरक्षक को निलंबित किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए विभागीय जांच भी जारी रहेगी।
फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क की तलाश
Raisen Tree Felling: वन विभाग का कहना है कि इस मामले में एक दर्जन से अधिक आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या तस्करों को स्थानीय स्तर पर किसी व्यक्ति या विभागीय कर्मचारियों से सहयोग मिला था।
अधिकारियों को नोटिस, पूरे वन मंडल में बढ़ाई गई निगरानी
Raisen Tree Felling: घटना के बाद पूरे वन मंडल में गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। डीएफओ प्रतिभा शुक्ला के निर्देश पर रेंजर धीरेन्द्र कुमार पांडे और एसडीओ सुधीर कुमार पटले को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
READ MORE: MP सरकार का बड़ा फैसला! देश में पहली बार वक्फ बोर्ड में 2 हिंदू सदस्यों की एंट्री
सवालों के घेरे में तस्करी पर कार्रवाई
Raisen Tree Felling: हालांकि वन विभाग ने अपने कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन अब भी कई बड़े सवाल बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर सागौन की कटाई बिना सुनियोजित नेटवर्क के संभव नहीं है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि फरार तस्कर कब तक पकड़े जाते हैं और इस पूरे अंतरराज्यीय गिरोह के पीछे जुड़े लोगों तक जांच कब पहुंचती है।







