Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक भूख हड़ताल को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन लगातार जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का धरना 15वें दिन भी जारी रहा, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके समर्थकों का दावा है कि लगातार उपवास की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई है और उनका वजन करीब पांच किलो कम हो गया है।
सोनम वांगचुक भूख हड़ताल के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग एक बार फिर उठाई है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।सीजेपी ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि गंभीर आरोपों और हालिया घटनाओं के बाद भी शिक्षा मंत्री के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
समर्थकों ने सरकार पर उठाए सवाल
सोनम वांगचुक भूख हड़ताल को समर्थन दे रहे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वांगचुक की सेहत लगातार गिर रही है। उन्होंने दावा किया कि सात दिन की भूख हड़ताल के दौरान उनका वजन पांच किलो तक कम हो गया है।दिपके ने यह भी कहा कि यदि जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया और वांगचुक की तबीयत और बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
Read More: CG News: सूरजपुर में महिला से गैंगरेप! बाजार से लौटते समय 4 युवकों ने किया अगवा, सभी आरोपी गिरफ्तार
लद्दाख मुद्दे पर बातचीत का किया स्वागत
सोनम वांगचुक भूख हड़ताल के बीच वांगचुक ने अपने सोशल मीडिया संदेश में लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर हुई प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ी है।उन्होंने विकास से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।
प्रतिनिधियों ने बातचीत को बताया सकारात्मक
सोनम वांगचुक भूख हड़ताल के दौरान लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों ने भी गृह मंत्रालय के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया। उनका कहना है कि कई मुद्दों पर मतभेद दूर हुए हैं और बातचीत आगे बढ़ी है।दोनों संगठनों ने इस प्रगति का श्रेय वांगचुक के शांतिपूर्ण आंदोलन और भूख हड़ताल को दिया।
आगे क्या होगा?
सोनम वांगचुक भूख हड़ताल के बीच अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के अगले कदम पर है। एक तरफ प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं, वहीं दूसरी ओर वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।फिलहाल आंदोलन जारी है और प्रदर्शनकारी सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।







