Raigarh Police: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कुशल दिशा-निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों और अवैध शराब के काले कारोबार के समूल विनाश के लिए “ऑपरेशन आघात” पूरी मुस्तैदी से चलाया जा रहा है। इसी कड़े प्रशासनिक अभियान के अंतर्गत शनिवार, 27 जून 2026 को तमनार थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना प्रभारी तमनार (निरीक्षक) प्रशांत राव के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम बेलजोर में सुनियोजित तरीके से दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब के साथ एक बुजुर्ग आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी, पुलिस को देख भागे पियक्कड़
तमनार पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, थाना प्रभारी प्रशांत राव को तड़के मुखबिर के माध्यम से एक बेहद पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम बेलजोर का रहने वाला एक व्यक्ति अपने मकान के पीछे स्थित बाड़ी में भारी मात्रा में महुआ शराब छुपाकर ग्राहकों को बेचने की फिराक में है। सूचना की गंभीरता को भांपते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन कर मौके के लिए रवाना किया। पुलिस टीम ने जब योजनाबद्ध तरीके से चिन्हित मकान की बाड़ी में अचानक दबिश दी, तो वहां अवैध रूप से शराब का सेवन कर रहे कुछ लोग पुलिस की गाड़ियों को देखकर मौके से भागने में सफल रहे।
62 वर्षीय आरोपी के कब्जे से 3,000 रुपये मूल्य की शराब बरामद
पुलिस टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए बाड़ी में छिपे मुख्य संदिग्ध को चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम अनंतराम भुईहर (पिता स्व. लक्ष्मण भुईहर, उम्र 62 वर्ष), निवासी ग्राम बेलजोर, थाना तमनार बताया। पुलिस द्वारा कड़ाई से तलाशी लेने पर आरोपी की बाड़ी से 15 लीटर हाथ भट्ठी से निर्मित कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹3,000 आंकी गई है। आरोपी ने पुलिस के समक्ष बिना किसी वैध दस्तावेज के आर्थिक लाभ कमाने की नीयत से शराब का अवैध निर्माण और बिक्री करना स्वीकार किया।
आबकारी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई, रिमांड पर भेजा गया जेल
तमनार पुलिस ने तत्काल पूरी शराब को विधिवत जब्त करते हुए आरोपी अनंतराम भुईहर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के इस कृत्य के विरुद्ध थाना तमनार में धारा 34(2) और 59(क) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। रायगढ़ जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण अंचलों में शांति व्यवस्था और महिला सुरक्षा को प्रभावित करने वाले इस प्रकार के अवैध अड्डों के खिलाफ “ऑपरेशन आघात” के तहत कार्रवाई आने वाले दिनों में और अधिक आक्रामक तरीके से जारी रहेगी। इस त्वरित और सफल छापामार कार्रवाई में प्रधान आरक्षक बनारसीलाल सिदार तथा आरक्षक रंजीत भगत ने सराहनीय और जांबाज भूमिका निभाई।







