Raigarh News: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत नगर पंचायत घरघोड़ा प्रशासन ने अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया है। वार्ड क्रमांक 15 में कृषि भूमि पर बिना किसी वैध प्रशासनिक स्वीकृति के व्यावसायिक गोदाम और दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। इसके खिलाफ सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर किसी सतर्क नागरिक ने शासन स्तर पर शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने भूमिस्वामी को कारण बताओ नोटिस जारी कर काम रोकने के कड़े निर्देश दिए हैं।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर जागा प्रशासन
दरअसल, यह पूरा मामला नवा रायपुर स्थित अटल नगर के उच्च कार्यालय से जुड़े सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के जरिए सामने आया है। शासन के पत्र क्रमांक 25/2026 के माध्यम से स्थानीय नगर पंचायत प्रशासन को इस अवैध निर्माण के संबंध में इनपुट मिला था। वार्ड क्रमांक 15 में स्थित खसरा नंबर 403/27 और 403/28 पर यह निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा था। इसके बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देश पर राजस्व और तकनीकी टीम ने मामले की त्वरित जांच शुरू कर दी।
कृषि भूमि पर व्यावसायिक निर्माण का मामला
राजस्व विभाग के आधिकारिक फॉर्म बी-1 किश्तबंदी खतौनी के रिकॉर्ड के अनुसार, यह विवादित जमीन श्रीमती शारदा देवी अग्रवाल के नाम पर दर्ज है। इस जमीन का कुल रकबा 0.0850 हेक्टेयर है, जो सरकारी दस्तावेजों में पूरी तरह से ‘कृषि भूमि’ के रूप में संधारित है। हालांकि, भूमिस्वामी इस कृषि जोत पर बिना किसी डायवर्शन (व्यपवर्तन) और बिना नगर पंचायत की मंजूरी के व्यावसायिक गोदाम और दुकानें खड़ी कर रही थीं। यही कारण है कि स्थानीय प्रशासन ने इस कृत्य को कानून का खुला उल्लंघन माना है।
नगर पालिका अधिनियम के तहत नोटिस जारी
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति के किया जा रहा यह निर्माण छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 और 223 का सीधा उल्लंघन है। परिणामस्वरूप, प्रशासन ने नोटिस क्रमांक 552 जारी कर भूमिस्वामी को तत्काल प्रभाव से काम बंद करने का हुक्म दिया है। इसके साथ ही, अगले तीन दिनों के भीतर भूस्वामित्व और स्वीकृत भवन मानचित्र के दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यदि तय समय में दस्तावेज पेश नहीं किए गए, तो प्रशासन वैधानिक कार्रवाई करते हुए अवैध ढांचे को ध्वस्त कर देगा।
नोटिस के बाद भूमिस्वामी ने संभाली कानूनी कानूनी कमान
इस कड़े प्रशासनिक नोटिस के मिलते ही भूमिस्वामी पक्ष ने भी अपनी कानूनी तैयारी तेज कर दी है। उन्होंने नगर पंचायत के आदेशों का सम्मान करते हुए मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को फिलहाल पूरी तरह से रोक दिया है। इसके अलावा, वे अब वकील और तकनीकी सलाहकारों के माध्यम से नगर पंचायत को अपना आधिकारिक जवाब सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। इस जवाब में भूमिस्वामी यह स्पष्ट करेंगे कि वे भूमि के व्यावसायिक डायवर्शन और भवन अनुज्ञा की प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा करने के लिए तैयार हैं।
उच्च अधिकारियों और पुलिस को प्रतिलिपि प्रेषित
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर पंचायत घरघोड़ा ने इस आदेश की प्रतिलिपि कई बड़े विभागों को भेजी है। इनमें संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन विकास नवा रायपुर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM), और स्थानीय तहसीलदार शामिल हैं। इसके साथ ही, घरघोड़ा थाना प्रभारी को भी एक कॉपी भेजी गई है ताकि मौके पर किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में पुलिस बल कानून व्यवस्था संभाल सके। अंततः, इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य अवैध निर्माण करने वाले कबाड़ और प्रॉपर्टी कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है।






