Kanya Shala Gharghoda Yoga: कन्या शाला घरघोड़ा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम: ‘करेंगे योग रहेंगे निरोग’ के नारे के साथ छात्राओं ने लिया नियमित योगाभ्यास का विधिक संकल्प

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Kanya Shala Gharghoda Yoga: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा/रायगढ़। शासकीय दिशा-निर्देशों के विधिक अनुपालन में विकासखंड घरघोड़ा के प्रतिष्ठित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय कन्या शाला घरघोड़ा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का गरिमापूर्ण आयोजन पूरी कड़ाई और विधिक अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के विधिक शुभारंभ के अवसर पर संस्था के प्राचार्य श्री हरीशचंद्र बेहरा एवं प्रधानपाठक श्री अखिलेश कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से माँ छत्तीसगढ़ महतारी, माँ भारती और विद्या की देवी माँ शारदे के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। इस विशेष अवसर पर शाला की सैकड़ों छात्राओं सहित स्थानीय पालकों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास में भाग लेकर ‘स्वस्थ समाज’ की कड़ियों को मजबूत करने का विधिक संकल्प लिया।

योग हमारी पुरातन संस्कृति का अभिन्न अंग, प्राचार्य ने छात्राओं को दिलाई विधिक शपथ

उपस्थित जनसमुूह और छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य श्री हरीशचंद्र बेहरा ने योग के इतिहास और उसकी वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग हमारी पुरातन ऋषि संस्कृति और विधिक जीवन पद्धति का एक ऐसा अनमोल अंग है, जो बिना किसी औषधि के मानव को दीर्घायु और निरोग रखता है। प्राचार्य ने शाला की सभी छात्राओं से विधिक रूप से यह वचन लिया कि वे केवल योग दिवस के दिन ही नहीं, बल्कि वर्ष के प्रत्येक दिन अपने घरों में नियमित रूप से योगाभ्यास करेंगी। शिक्षक विजय पंडा ने भी छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि किशोरावस्था में योग करने से एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता का विधिक विकास होता है।

शिक्षिका मीना महंत और अखिलेश मिश्रा ने कराया सघन अभ्यास; छात्राओं ने साझा किए अनुभव

व्यावहारिक प्रशिक्षण और शारीरिक लाभ: कार्यक्रम को गति देते हुए विद्यालय की वरिष्ठ कर्मठ शिक्षिका श्रीमती मीना महंत एवं प्रधानपाठक अखिलेश कुमार मिश्रा ने मंच से संयुक्त रूप से विभिन्न योगासनों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने छात्राओं को कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और ताड़ासन की विधिक कड़ियों का अभ्यास कराया तथा इनसे प्राप्त होने वाले शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक लाभों की तकनीकी जानकारी दी। इस दौरान घर पर नियमित योग करने वाली सीनियर छात्राओं ने मंच पर आकर अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य विधिक अनुभवों को अपनी सहपाठियों के साथ साझा किया, जिससे पूरे परिसर में अत्यंत उत्साहजनक और प्रेरणादायी वातावरण निर्मित हो गया।

‘करेंगे योग रहेंगे निरोग’ के गगनभेदी नारे और पोषण वितरण के साथ समापन

इस विधिक स्वास्थ्य उत्सव को सफल बनाने में विद्यालय के समर्पित शिक्षक वर्ग जिनमें पीला राम लहरे, तिलोक चक्रधारी, प्रमोद साहू तथा कार्यालयीन विधिक स्टाफ से काशी राम टंडन, कमला चौहान और लोकेश्वरी सिदार की सराहनीय और महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के विधिक समापन पर स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्राओं, उपस्थित पालकों और कर्मचारियों के उत्तम स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रोटीन युक्त स्वादिष्ट उबले चने का वितरण (पोषण आहार) किया गया। अंत में, संपूर्ण परिसर “करेंगे योग, रहेंगे निरोग” के गगनभेदी सामूहिक विधिक नारे से गुंजायमान हो उठा, जिसने छात्राओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया।

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