Bemetara Yoga Day Dispute: राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और विधायक दीपेश साहू की मौजूदगी में पोस्टर विवाद से गर्माई सियासत

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Bemetara Yoga Day Dispute: बेमेतरा। बेमेतरा जिला मुख्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के गरिमामयी और वृहद शासकीय कार्यक्रम के दौरान आज उस समय भारी असहज स्थिति पैदा हो गई, जब प्रोटोकॉल और प्रशासनिक संवेदनशीलता की सरेआम धज्जियां उड़ गईं। कार्यक्रम के मुख्य मंचीय बैकड्रॉप (पोस्टर) में अपना नाम और फोटो गायब देखकर साजा विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक श्री ईश्वर साहू गहरे आक्रोश में आ गए। प्रशासनिक उपेक्षा से क्षुब्ध होकर विधायक बीच कार्यक्रम में ही मुख्य मंच से नीचे उतर गए। विधायक के अचानक मंच छोड़ने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद आला अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में मान-मनौव्वल का दौर शुरू हुआ।

बेमेतरा और नवागढ़ के जनप्रतिनिधियों को तरजीह, साजा विधायक की घोर उपेक्षा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेमेतरा जिले के भीतर तीन प्रमुख विधानसभा क्षेत्र— बेमेतरा, नवागढ़ और साजा आते हैं। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस मुख्य योग दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, बेमेतरा के स्थानीय विधायक श्री दीपेश साहू तथा साजा विधायक श्री ईश्वर साहू सहित जिले के तमाम आला प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। लेकिन जब मुख्य मंच पर नजर गई, तो वहां लगाए गए विशालकाय शासकीय बैनर-पोस्टर में बेमेतरा और नवागढ़ क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों के फोटो और नाम तो पूरी तवज्जो के साथ शामिल किए गए थे, परंतु साजा विधायक ईश्वर साहू की तस्वीर को पूरी तरह गायब कर दिया गया था।

अधिकारियों ने मांगी माफी, काफी समझाइश के बाद दोबारा मंच पर लौटे विधायक

प्रशासनिक अमले में मची खलबली: अपनी ही सरकार के कार्यक्रम में इस प्रकार की घोर उपेक्षा और सार्वजनिक अपमान को देखकर विधायक ईश्वर साहू का पारा चढ़ गया और वे मंच से उठकर बाहर जाने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख कलेक्टर और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की टीम तुरंत विधायक के पीछे दौड़ी। कार्यक्रम स्थल के पीछे ही अधिकारियों ने अपनी इस बड़ी चूक के लिए विधायक से खेद व्यक्त किया और काफी मान-मनौव्वल व समझाइश के बाद उन्हें शांत कराया। अधिकारियों के विशेष आग्रह और प्रोटोकॉल में सुधार के आश्वासन के बाद साजा विधायक दोबारा मंच पर लौटे और योगाभ्यास के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज, प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

भले ही अधिकारियों की सूझबूझ से तत्काल मामले को शांत करा लिया गया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने बेमेतरा जिला प्रशासन की कार्यशैली, लचर प्रोटोकॉल व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के प्रति उनकी घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है। राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा बेहद तेज है कि जब जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के शीर्ष जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति पूर्व से ही सुनिश्चित और आमंत्रित थी, तब शासकीय मंचीय प्रचार सामग्री तैयार करते समय साजा विधायक की इतनी बड़ी उपेक्षा जानबूझकर की गई या यह अधिकारियों की गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन में ऐसी बचकानी और प्रोटोकॉल विरोधी चूक अक्षम्य है।

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