Clothes Handwash Tricks: अक्सर लोग अपने महंगे और पसंदीदा कपड़ों, जैसे रेशम (सिल्क), कश्मीरी ऊन, लेस और नाजुक अंडरगारमेंट्स की चमक बनाए रखने के लिए महंगे से महंगे डिटर्जेंट का इस्तेमाल करते हैं या उन्हें सीधे ड्राई क्लीनिंग के लिए भेज देते हैं। लेकिन फैब्रिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, नाजुक कपड़ों की लंबी उम्र और उनकी रंगत को बरकरार रखने के लिए केवल भारी-भरकम खर्च ही जरूरी नहीं है। कई बार पुराने जमाने की तरह हाथों से कपड़े धोना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका साबित होता है। वॉशिंग मशीन की तेज गति (रफ रोटेशन) और ड्रायर की अत्यधिक गर्मी इन नाजुक रेशों को बहुत जल्दी डैमेज कर देती है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू नियमों को अपनाकर आप घर पर ही अपने कपड़ों को नया जैसा बनाए रख सकते हैं।
कपड़े धोने का पहला और बुनियादी नियम: कभी न करें ‘केयर लेबल’ को नजरअंदाज
किसी भी महंगे या नाजुक कपड़े को पानी में डालने से पहले उसके भीतर लगे ‘केयर लेबल’ (धोने संबंधी निर्देश) को ध्यान से पढ़ना सबसे जरूरी कदम है। केयर लेबल से ही यह सटीक जानकारी मिलती है कि कपड़े के लिए पानी का तापमान कैसा होना चाहिए और किस प्रकार का डिटर्जेंट सुरक्षित रहेगा। यदि कपड़ा जरूरत से ज्यादा नाजुक है, तो हमेशा मार्केट में मिलने वाले माइल्ड या जेंटल लिक्विड डिटर्जेंट का ही चुनाव करें। सामान्य ब्लीच युक्त या कड़े पाउडर डिटर्जेंट कपड़ों के धागों को कमजोर कर देते हैं।
दाग हटाने के लिए जोर से रगड़ने की गलती पड़ेगी भारी, अपनाएं ये जेंटल फॉर्मूला
दाग साफ करने की सही विधि: अगर कपड़ों पर चाय, कॉफी या तेल के दाग लग गए हों, तो उन्हें सीधे पानी में डुबाने से पहले प्री-ट्रीट करना जरूरी है। दाग वाली जगह पर थोड़ा सा लिक्विड डिटर्जेंट या स्टेन रिमूवर की कुछ बूंदें डालें और अपनी उंगलियों के पोरों से बेहद हल्के हाथों से दबाते हुए साफ करें। ब्रश से या हाथों से ज्यादा जोर लगाकर रगड़ने से दाग कपड़े के अन्य हिस्सों में फैल सकता है या वहां का फैब्रिक फट सकता है। इसके बाद एक साफ टब में पानी भरकर डिटर्जेंट घोलें और कपड़े को 15 से 20 मिनट के लिए भिगोकर छोड़ दें।
कपड़ों को मरोड़ने के बजाय तौलिए का इस्तेमाल कर सुखाएं, स्वेटर और इनर वियर का आकार रहेगा बरकरार
कपड़ों को साफ पानी से कई बार निकालने (रिंस करने) के बाद सबसे बड़ी गलती उन्हें जोर से निचोड़ने या मरोड़ने की होती है। ऐसा करने से कपड़ों की सिलाई टूट जाती है और उनका मूल आकार बिगड़ जाता है। पानी निकालने के लिए कपड़े को हल्के हाथों से दबाएं और फिर एक सूखे, मोटे तौलिए पर सीधा फैलाकर तौलिए को कपड़े समेत रोल कर दें। ऐसा करने से तौलिया कपड़े की अतिरिक्त नमी को आसानी से सोख लेता है।
विशेष रूप से ब्रा और अंडरगारमेंट्स को मशीन के बजाय हाथ से धोना चाहिए; ब्रा को 15 मिनट और अंडरवियर को 30 मिनट तक साबुन के पानी में रखने के बाद समतल सतह पर सुखाने से उनकी इलास्टिक और फिटिंग सालों-साल खराब नहीं होती। यही नियम महंगे स्वेटर पर भी लागू होता है; यदि केयर लेबल इजाजत दे तो गुनगुने पानी से धोकर उन्हें किसी टेबल या समतल जगह पर फैलाकर ही सुखाएं, ताकि वे लटककर ढीले न हों।









